उज्जैन में लैंड पुलिंग एक्ट का फैसला वापस
उज्जैन में सिंहस्थ मेला क्षेत्र में स्थाई निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने जमीनें अधिग्रहित करना शुरू की थीं। इसका भारतीय किसान संघ व अन्य संघों ने पुरजोर तरीके से विरोध किया। भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने खुद अपनी ही सरकार को इस मुद्दे पर घेरा और विधानसभा में भी मुद्दा उठाया। इसके बाद सरकार को झुकना पड़ा और 16 दिसंबर को सरकार ने सिंहस्थ के लैंड पुलिंग एक्ट को पूरी तरह निरस्त कर दिया।
मंत्री विजयवर्गीय ने राहुल और प्रियंका पर की टिप्पणी
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शाजापुर में आयोजित एक कार्यक्रम में राहुल द्वारा अपनी बहन प्रियंका को सार्वजनिक रूप से चुम्बन लेने पर सवाल उठाया था। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस ने उन्हें घेरना शुरू कर दिया और प्रदेश के कई स्थानों पर उनके पुतले जलाए गए। बाद में मंत्री विजयवर्गीय ने सफाई देते हुए कहा था कि उन्होंने भाई-बहन के पवित्र रिश्ते पर सवाल नहीं उठाया, बल्कि भारतीय और विदेशी संस्कृति की तुलना कर रहे थे।
भाजपा कार्यालय पर कालिख पोत रहा जिराती समर्थक।
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा पार्षद को किया निलंबित
इंदौर में पांच जनवरी को पार्षद जीतू यादव व कमलेश कालरा के बीच की ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई। इसके बाद यादव समर्थकों ने कालरा के घर पर हमला कर दिया और कालरा के नाबालिग बेटे से भी बदसलूकी की। मामला गरमाने के बाद भाजपा ने पार्षद जीतू यादव को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। इसके अलावा मेयर ने भी यादव को महापौर परिषद सदस्य पद से हटा दिया। उधर लव जिहाद के आरोपी रहे कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी को संभागायुक्त ने पार्षद पद से अयोग्य घोषित करते हुए हटा दिया।
भाजपा कार्यालय में नेम प्लेट पर कालिख
भाजपा की नगर कार्यकारिणी घोषित होने के बाद नवंबर में जीतू जिराती समर्थक नाराज हो गए, क्योकि किसी भी समर्थक को कार्यकारिणी में स्थान नहीं मिला। इससे नाराज होकर वे भाजपा कार्यालय पर प्रदर्शन करने पहुंचे। एक कार्यकर्ता मिलाप मिश्रा ने भाजपा नगर अध्यक्ष के केबिन के बाहर नेम प्लेट पर कालिख पोत दी। इसके बाद राजनीतिक गरमा गई, हालांकि बाद में प्रदर्शन करने वाले समर्थकों ने माफी मांग ली और मामला रफा-दफा हो गया।