यदि कोई जानना चाहे कि सफाई में इंदौर देश में नंबर वन क्यों है? तो एक बार फिर इंदौर नगर निगम ने इसका जवाब दिया है। 365 दिन में इंदौर में सबसे ज्यादा कचरा इस साल दीपावली के दिन निकला। सड़कों पर पटाखे, पाॅलिथीन, दुकानों से निकला कचरा बिखरा पड़ा था, लेकिन दूसरे दिन शुक्रवार को ये सब कचरा इंदौरवासियों को नजर नहीं आया। तड़के चार बजे से इंदौर के सफाई अमले ने मैदान संभाला और चार घंटे में पूरा शहर साफ कर दिया।
आमतौर पर दीपावली के दूसरे दिन देर तक सड़कों व गलियों में कचरा बिखरा रहता है। सफाईकर्मी भी दीपावली त्योहार मनाते है। इस कारण वे भी देर से आते थे, लेकिन इस बार शहर को साफ करने की योजना तैयार की गई थी, ताकि लोगों को दीपावली के दूसर दिन शहर साफ दिखे। अफसर भी सफाई व्यवस्था को देखने फील्ड पर सुबह आ गए थे। निगमायुक्त शिवम वर्मा भी सुबह चार बजे से सफाई व्यवस्था देखने आ गए थे।
1500 टन से ज्यादा कचरा
दीपावली की रात इंदौर में 1500 टन से ज्यादा कचरा इंदौर में निकला। आम दिनों में एक हजार टन तक कचरा इंदौर में निकलता है। दीपावली के दूसरे दिन अफसरों ने पहले शहर की प्रमुख सड़कों को साफ कराया। एमजी रोड और रीगल चौराहा सुबह चार बजे ही साफ हो चुका था और वहां नगर निगम के वाहन पानी का छिड़काव कर रहे थे। शहर की गलियां भी सुबह आठ बजे से पहले साफ हो गई थी। इंदौर सुबह 9 बजे तक पूरी तरह साफ हो चुका था।
अष्ट सिद्धि की तैयारी में इंदौर
बता दें स्वच्छता में इंदौर देशभर में लगातार सात बार पहने नंबर पर रहा है। पिछली बार हालांकि, सूरत ने कड़ी टक्कर दी और वह भी संयुक्त विजेता रहा। इस बार फिर से शहरों के बीच स्वच्छता की दौड़ शुरू हो चुकी है। इंदौर आठवीं बार प्रथम स्थान यानी इंदौर के महापौर पुष्य मित्र भार्गव के शब्दों में अष्ट सिद्धि पाने में सफल होगा, ऐसे पूरे प्रयास कर किए जा रहे हैं।