चौकसे शहर अध्यक्ष, विपिन जिलाध्यक्ष
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कांग्रेस ने इंदौर शहर की कमान चिंटू चौकसे और और जिले की विपिन वानखेड़े को दी है। उनकी नियुक्ति से कई नेता नाराज हैं। कुछ खुलकर विरोध करने लगे हैं तो कुछ उनसे जुड़ी शिकायतें हाईकमान तक पहुंचा रहे हैं। चौकसे के अध्यक्ष बनने से नाराज कांग्रेस के संभागीय प्रवक्ता सन्नी राजपाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि हम बगैर पद के भी कांग्रेस में काम करेंगे। मैदानी नेता को जिम्मेदारी देना चाहिए थी।
वहीं, पूर्व शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष साक्षी डागा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालते हुए लिखा कि कांग्रेस कार्यकर्तागणों की भावना का विसर्जन हो गया है। कार्यकर्ता की मेहनत और भावना की कीमत नहीं बची है। जो व्यक्ति विधानसभा चुनाव में अपना बूथ और वार्ड तक नहीं बचा पाया। पांच राज्यों में सबसे बुरी हार का रिकाॅर्ड बन गया, वह अब कांग्रेस की जिम्मेदारी संभालेगा।
मिश्रा बोले- बागड़ी खजराना गणेश के भक्त, इसकी सजा उन्हें मिली
चिंटू चौकसे को कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने पर भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने बयान दिया है कि इस पद के लिए अरविंद बागड़ी का नाम आगे था, लेकिन उन्हें इस बात की सजा मिल रही है कि वे खजराना गणेश के भक्त हैं और सनातन धर्म के अनुयायी हैं। कांग्रेस ने उस नेता को अध्यक्ष बनाया है जिस पर अलग-अलग थानों में 14 प्रकरण दर्ज हैं। बागड़ी का अध्यक्ष नहीं बनना बताता है कि कांग्रेस उन लोगों से नफरत करती है जो धर्म का प्रचार प्रसार करते हैं। जीतू पटवारी ने राहुल गांधी के एजेंडे को आत्मसात किया है।
कांग्रेस में नेताओं का अकाल : मेयर
मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि यह कांग्रेस का अंदरुनी मामला है, लेकिन मुझे लगता है कि कांग्रेस के पतन का कारण उनके फैसले रहते है। आपराधिक प्रवृति के लोगों को बढ़ावा दिया जाता है। जो प्रदेशाध्यक्ष की दौड़ में थे, उन्हें जिलाध्यक्ष बना दिया। कांग्रेस खत्म होती जा रही है, वहां नेतागणों का अकाल पड़ा है।