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जन्माष्टमी: मंदिरों में भारी भीड़, पुलिस ने कई जगह ट्रैफिक डायवर्ट किया, राजबाड़ा में वाहन प्रतिबंधित

Fri, 04 Sep 2026 06:03 AM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर में कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शहर के सभी मंदिरों को भव्यता से सजाया गया। गोपाल मंदिर, यशोदा माता मंदिर और इस्कॉन निपानिया में सुबह से ही दर्शन, अभिषेक और भजन-कीर्तन के लिए भारी भीड़ नजर आई। 
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गोपाल मंदिर में सुबह से ही भारी भीड़ रही। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर इंदौर में जबरदस्त उत्साह देखा गया। भगवान के दिव्य श्रृंगार और मनमोहक झांकियों के दर्शन के लिए तड़के से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। भगवान कृष्ण के मंदिरों के साथ-साथ प्रसिद्ध खजराना गणेश और रणजीत हनुमान मंदिर में भी विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ। कई क्षेत्रों में मंदिरों की भारी भीड़ की वजह से ट्रैफिक पुलिस को यातायात डायवर्ट करना पड़ा। मंदिरों में विशेष पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और विशाल भंडारों का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह से ही भगवान की भक्ति में झूमते नजर आए। सभी मंदिरों में भजन कीर्तन में भारी उत्साह नजर आया। 
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यशोदा माता मंदिर। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
राजबाड़ा में वाहन प्रतिबंधित, कई जगह ट्रैफिक डायवर्ट किया
राजबाड़ा में गोपाल मंदिर, यशोदा माता मंदिर की भारी भीड़ की वजह से शाम को 5 बजे के बाद से ही ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा। विजय नगर क्षेत्र में इस्कॉन की भारी भीड़ की वजह से पूरे क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस को तैनात किया गया। भारी वाहनों को अलग-अलग रास्तों से निकाला और कई रास्तों पर वाहनों को पूरी तरह से प्रतिबंधित करना पड़ा ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न आए। 

233 साल पुराने यशोदा माता मंदिर में तीन दिवसीय उत्सव
खजूरी बाजार स्थित प्रसिद्ध 233 साल पुराने यशोदा माता मंदिर में तीन दिवसीय जन्माष्टमी उत्सव का आयोजन किया गया। मंदिर के संस्थापक पंडित आनंदी लाल दीक्षित के काल से चली आ रही परंपरा के अनुसार यहां विशेष सजावट की गई है। इस मंदिर की अनूठी विशेषता यह है कि यहां जयपुर से बैलगाड़ी द्वारा लाई गई प्रतिमा में यशोदा माता की गोद में श्रीकृष्ण विराजमान हैं। महापूजा और जन्म आरती के साथ नंद उत्सव व छप्पन भोग तथा मोर पंख झूले में लड्डू गोपाल के दर्शन जैसे विविध कार्यक्रम हो रहे हैं। संतान प्राप्ति की मनोकामना के लिए महिलाओं द्वारा गोद भराई की रस्म भी आयोजित की गई। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने पूजा की। 
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रात से ही शहर के मंदिरों को सजा दिया गया। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
गोपाल मंदिर में ऐतिहासिक होलकर कालीन परंपरा से हुआ पूजन
इंदौर के ऐतिहासिक होलकर कालीन गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी का पर्व पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। मंदिर के पुजारी पं. बालमुकुंद पाराशर के अनुसार सुबह भगवान का पंचामृत अभिषेक करने के बाद नए वस्त्रों से अलौकिक श्रृंगार किया गया। इसके बाद बाल भोग लगाकर श्रृंगार आरती संपन्न हुई। सुबह 11 बजे व्यास गादी से श्रीकृष्ण जन्म उत्सव की कथा सुनाई गई और राज भोग अर्पित किया गया। शाम को 11 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा वैदिक पद्धति से अभिषेक-पूजन किया गया जिसके बाद संध्या आरती और भजन-कीर्तन का दौर चला। मध्यरात्रि 12 बजे जन्मोत्सव की महाआरती की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस मंदिर का निर्माण वर्ष 1832 में कृष्णाबाई होलकर द्वारा कराया गया था।

बांके बिहारी मंदिर में छप्पन भोग और माखन-मिश्री प्रसाद
इंदौर के बांके बिहारी मंदिर में भी जन्माष्टमी पर भक्तिमय माहौल है। मंदिर की पुजारी तपस्विनी ने बताया कि प्रातःकाल भगवान के अभिषेक के साथ ही भजन-कीर्तन का सिलसिला शुरू हो गया था। भगवान को छप्पन भोग अर्पित किए गए हैं। दिनभर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को माखन-मिश्री का प्रसाद बांटा जा रहा है। रात 12 बजे भगवान का पुनः अभिषेक कर जन्म आरती की जाएगी।

इस्कॉन मंदिर निपानिया में भव्य आयोजन और फेस्टिवल सीजन
इस्कॉन इंदौर के अध्यक्ष महामन दास के अनुसार श्री श्री राधा गोविंद मंदिर, हरे कृष्ण विहार, निपानिया में आध्यात्मिक जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यहां दिनभर धार्मिक अनुष्ठान, श्रीकृष्ण कथा, अभिषेक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। इस्कॉन इंदौर द्वारा 23 अगस्त से 19 सितंबर 2026 तक विशेष फेस्टिवल सीजन मनाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत वैष्णव परंपरा से जुड़े विविध आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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