इंदौर में 27 अगस्त से शुरू हो रहे 10 दिवसीय गणेश उत्सव में कृष्णा गुरुजी 'विघ्नहर्ता 2025 सम्मान' प्रदान करेंगे। यह सम्मान 10 समाजसेवियों को किया जाएगा।
इंदौर के आध्यात्मिक गुरु कृष्णा गुरुजी द्वारा संचालित 10 दिवसीय गणेश उत्सव 27 अगस्त से शुरू हो रहा है। गुरुजी ने इस बार गणेश आराधना को मानव सेवा से जोड़ते हुए 'विघ्नहर्ता 2025 सम्मान' प्रदान करने की बात कही है।
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कृष्णा गुरुजी ने बताया कि भगवान गणेश केवल विघ्नहर्ता ही नहीं हैं, वे समाज सेवा का प्रतीक भी हैं। ऐसे में इस बार गणेश आराधना को मानव सेवा से जोड़ने की पहल शुरू की है। गणेश उत्सव पर इस वर्ष उन 10 व्यक्तियों को 'विघ्नहर्ता 2025 सम्मान' से सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने किसी न किसी के जीवन से वास्तविक विघ्न दूर किए हैं।
27 अगस्त को डॉक्टर कॉलोनी स्थित कुष्ठ आश्रम में भगवान गणेश की स्थापना की जाएगी। कुष्ठ रोगियों की सेविका जसंत बाई को पहली विघ्नहर्ता 2025 ट्रॉफी से सम्मानित किया जाएगा। इसके बाद 6 सितंबर तक रोज एक समाजसेवी या मानवीय कार्यकर्ता के घर जाकर सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान कृष्णा गुरुजी सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा प्रदान किया जाएगा। हर रात 8:30 बजे, गुरुजी जूम आइडी- 9826070286 पर 'कहां हैं गणेश' विषय पर देश-विदेश के श्रद्धालुओं से संवाद करेंगे।
आरती की पंक्ति में बदलाव की अपील
इस गणेश उत्सव पर कृष्णा गुरुजी ने भक्तों से गणेश आरती की पंक्ति में बदलाव करने की अपील भी की है। उन्होंने कहा कि आरती की पंक्ति 'बांझन को पुत्र देत' को बदलकर 'बांझन को गर्भ देत' गाएं, ताकि आरती के शब्दों में सम्मानजनक और वैज्ञानिक चेतना लाई जा सके।
मानव सेवा से जोड़ने का अभियान
'अंधन को आंख देत, कोढ़न को काया' मुहिम का यह सातवां वर्ष है, जिसमें कृष्णा गुरुजी त्योहारों को सामाजिक सेवा से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उनका यह अभियान केवल भारत में ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना प्राप्त कर रहा है।