वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक आत्महत्या केस की आरोपी सलोनी अरोड़ा को फर्जी जमानत लेने के आरोप में फिर गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में इंदौर पुलिस ने केस दर्ज किया है। सलोनी ने फर्जी जमानत कांड के आरोपी रहे केदार डाबी के दस्तावेज लगाकर फर्जी जमानत ली थी। हाईकोर्ट ने डाबी को फर्जी जमानत कांड में इस शर्त पर जमानत दी थी कि वह किसी को जमानत नहीं देगा।
इस मामले में कल्पेश के भाई नीरज याग्निक ने इंदौर पुलिस की क्राइम ब्रांच शाखा में शिकायत की थी। पुलिस ने केस दर्ज करने के साथ ही मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ से सलोनी को गिरफ्तार कर लिया। मामले में केदार डाबी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
सलोनी को पुलिस ने आत्महत्या के केस में मुंबई से गिरफ्तार किया था। वर्ष 2019 में उसकी जमानत हो गई थी। पहले सलोनी की भाभी ने उसकी जमानत दी थी। तब सलोनी जेल से बाहर आ गई थी। बाद में उसकी भाभी ने कोर्ट में जमानत वापस लेने के लिए आवेदन लगाया। इसके बाद कोर्ट ने सलोनी को नोटिस दिया था।
बाद में सलोनी ने फर्जी जमानत कांड के आरोपी केदार डाबी की मदद ली। उसने सलोनी के लिए जमानत कोर्ट में पेश की। पुलिस ने जांच में जमानत को फर्जी माना। बता दें, सलोनी अरोड़ा ने कल्पेश याग्निक को ब्लैकमेल कर पांच करोड़ रुपये की मांग की थी। खुद पर लगे आरोपों से तनाव में आए कल्पेश ने आत्महत्या कर ली थी।