इंद्रेश्वर महादेव मंदिर में रुद्राभिषेक।
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इंदौर में जुलाई आधा बीतने को है, लेकिन अभी तक ठीक से बारिश नहीं हुई है। आसपास के जिलों में झमाझम बारिश हो रही है, लेकिन इंदौर में बिना बूंदों के सावन माह आ चुका है। इसे लेकर शहरवासी चिंतित है। इसके चलते अब शहर के प्राचीन इंद्रेश्वर महादेव मंदिर में अनुष्ठान होंगे। शनिवार को भी विधायक गोलू शुक्ला ने बारिश के लिए मंदिर में रुद्राभिषेक किया।
इंदौर में होलकर शासन काल से मान्यता चली आ रही है कि अगर इंदौर में बरसात नहीं हो रही हो तो पंढरीनाथ स्थित प्राचीनतम इंद्रेश्वर मंदिर में शिवलिंग को पानी में डूबाने से निश्चित वर्षा होती है। होलकर शासनकाल में भी राजा महाराजा इस परंपरा को निभाते आए हैं। होलकर रियासत के अंतिम शासक यशवंत राव होल्कर ने भी कई बार अल्प वर्षा होने पर या वर्षा नहीं होने पर इंद्रेश्वर महादेव का अभिषेक किया था। इसके बाद घनघोर बारिश हुई।
आजादी के बाद इस परंपरा को इंदौर के कुछ कलेक्टरों ने भी निभाया। 1985 के दौरान जब शहर में जून जुलाई माह में लंबे समय तक वर्षा नहीं हुई तब तत्कालीन कलेक्टर अजीत जोगी ने अभिषेक किया था। इंदौर के वर्तमान हालात भी कुछ ऐसे ही बन रहे हैं। पिछले 15 दिनों से इंदौर में अल्पवर्षा की स्थिति बनी हुई है। रविवार को मंदिर में शहर के गणमान्य नागरिक एकत्र होकर जलाभिषेक करेंगे।