पोस्टमार्टम के लिए डाक्टरों ने उसके शरीर के टूटे हिस्सों का भी परीक्षण किया। फिर उनके शरीर को दो परतों में पहले काली पाॅलिथीन में लपेटा। फिर सफेद कफन में लपेट कर परिजनों को सौंपा। हादसे के शिकार प्रोफेसर लक्ष्मीकांत सोनी का शरीर भी क्षत विक्षत मिला।
सोमवार रात को एरोड्रम रोड पर हुए ट्रक हादसे में प्रोफेसर लक्ष्मीकांत सोनी और आईडीए कर्मचारी कैलाशचंद्र जोशी को भयावह मौत मिली। दोनों के परिजन अंतिम संस्कार के समय उनके चेहरा तक नहीं देख पाए।
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दोनों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ चुकी है। इसमें बताया गया कि ट्रक की चपेट में आने के बाद जोशी के दोनों पैर घुटनों के नीचे से कट गए थे। उनके पैर, छाती व हाथ के 70 प्रतिशत हिस्से चल चुके थे। त्वचा की सभी परतें जलने के कारण शरीर का मांस दिख रहा था। उनके शरीर में कई फ्रैक्चर थे। पोस्टमॉर्टम के लिए डॉक्टरों ने उनके शरीर के टूटे हिस्सों का भी परीक्षण किया। फिर उनके शरीर को दो परतों में पहले काली पाॅलिथीन में लपेटा। फिर सफेद कफन में लपेट कर परिजनों को सौंपा।
प्रो. सोनी का शरीर भी क्षत विक्षत मिला
हादसे के शिकार प्रोफेसर लक्ष्मीकांत सोनी का शरीर भी क्षत विक्षत मिला। उनके सिर के एक भाग में सिर की हड्डी चकनाचूर हो चुकी थी। पोस्टमॉर्टम के दौरान उनके फेफड़े, दिल, गुर्दे और लीवर के हिस्से कटे-फटे थे। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को दो परतों में लपेट कर परिजनों को सौंपा गया। उनके भाई ने बताया कि हादसे के बाद उनकी जेब से आधार कार्ड मिला था। दो पुलिसवाले घर पर हादसे की जानकारी देने आए थे। मैं जिला अस्पताल पहुंचा तो देखा कि चेहरे का एक हिस्से बुरी तरह से फट गया था।