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इंदौर : इंदौर मास्टर प्लान- यशवंत सागर, माचल और उमरीखेड़ा वाले हिस्से में रहेगा बड़ा ग्रीन बेल्ट

Wed, 30 Sep 2026 06:01 AM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर के नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट अब जारी होने की तैयारी में है। विभाग द्वारा तैयार प्रारूप नगरीय प्रशासन विभाग को भेज दिया गया है। 88 हजार हेक्टेयर के दायरे वाले मास्टर प्लान में शहर का विस्तार एयरपोर्ट रोड और उज्जैन रोड की ओर प्रस्तावित है। 
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इंदौर शहर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी हो चुका है और अब इंदौर के ड्राफ्ट को भी जारी करने की तैयारी है। नगर तथा ग्राम निवेश ने ड्राफ्ट तैयार कर नगरीय प्रशासन विभाग को भेज दिया है। नए मास्टर प्लान का दायरा बढ़ेगा और इसमें शहरवासियों की सबसे ज्यादा दिलचस्पी उन इलाकों में रहेगी, जो ग्रीन बेल्ट होंगे। मास्टर प्लान का जब प्रारूप प्रकाशित होगा तो सबसे ज्यादा आपत्तियाँ ग्रीन बेल्ट को लेकर ही होंगी।

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इंदौर के मास्टर प्लान का जो प्रारूप तैयार किया गया है, उसमें सबसे ज्यादा ग्रीन कवरेज एरिया यशवंत सागर, खजूरिया, पितृ पर्वत वाले हिस्से में रहेगा। इसके बाद माचल और उमरीखेड़ा की तरफ भी अच्छा-खासा ग्रीन बेल्ट प्रस्तावित है, जबकि रंगवासा, राऊ, पिगडंबर में आवासीय उपयोग की जमीनें सबसे ज्यादा रहेंगी। शहर के रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े निवेशकों को भी मास्टर प्लान का इंतजार है, क्योंकि भू-उपयोग तय होने के बाद उन्हें जमीनें खरीदने में आसानी होगी।
 

पुराने मास्टर प्लान में 14 प्रतिशत ग्रीन बेल्ट रखा गया था, लेकिन जमीन पर आठ प्रतिशत ग्रीन बेल्ट ही कायम रहा। कई जगह ग्रीन बेल्ट में अवैध बस्तियाँ कट गईं। इंदौर के मास्टर प्लान के प्रारूप से पहले नगर तथा ग्राम निवेश विभाग ने 79 गाँवों को मास्टर प्लान में शामिल करने की अधिसूचना जारी कर दी थी। इस कारण उन गाँवों के नक्शे भी मंजूर नहीं हो रहे हैं। इन गाँवों के जुड़ने के बाद मास्टर प्लान का दायरा 88 हजार हेक्टेयर हो जाएगा। पहले यह 50 हजार हेक्टेयर था।

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नए मास्टर प्लान में शहर का विस्तार एयरपोर्ट रोड और उज्जैन रोड की तरफ ज्यादा है। इंदौर के निवेश क्षेत्र में खजुरिया, कांकरिया, टोड़ी, श्रीराम तलावली, रंगवासा, पिगडंबर, राऊ, माचल, असरावद खुर्द, उमरीखेड़ा, तिल्लौर खुर्द, मुंडला दोस्तदार, सोनवाय सहित अन्य गाँव शामिल हैं। कई गाँवों में बड़ी-बड़ी कॉलोनियाँ विकसित हो चुकी हैं।
 

नए मास्टर प्लान में उपनगर की शक्ल ले चुके महू, पीथमपुर, देपालपुर, हातोद और सांवेर की बेहतर कनेक्टिविटी पर जोर रहेगा। सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि ड्राफ्ट नगरीय प्रशासन विभाग के पास है। नया मास्टर प्लान 35 साल के हिसाब से प्लान किया गया है। दो बार मास्टर प्लान को लेकर बैठक हो चुकी है।

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