बाणगंगा के पंप पर बगैर हेलमेट दिया जा रहा पेट्रोल।
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इंदौर के सरकारी कार्यालय में बगैर हेलमेट प्रवेश करने वाले कर्मचारियों को सोमवार को वापस घर लौटना पड़ सकता है। प्रशासन ने सरकारी कर्मचारियों के लिए भी हेलमेट अनिवार्य किया है। कलेक्टर आशीष सिंह ने आदेश जारी कर कहा कि मोटर व्हीकल एक्ट में हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों के लिए अनिवार्य है। शहर के सरकारी कर्मचारी भी इस नियम का अनिवार्य रुप से पालन करे। प्रशासन के आदेश के बाद पुलिस विभाग और इंदौर विकास प्राधिकरण ने भी हेलमेट कर्मचारियों के लिए अनिवार्य कर दिया है।
अब सोमवार से सरकारी परिसरों में भी हेलमेट को लेकर सख्ती नजर आएगी। उधर मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि नो हेलमेट नो लिकर भी होना चाहिए। हेलमेट के बगैर शराब दुकानों पर ग्राहकों को शराब नहीं दी जाना चाहिए,हालांकि इस तरह का आदेश अभी जारी नहीं हुआ। रविवार को इंदौर में पंपों पर पेट्रोल की सेल 35 प्रतिशत तक घट गई,क्योंकि वाहन चालकों को हेलमेट के बगैर पंपों से पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है।
इंदौर में दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट अनिवार्य करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए गए फैसले का असर तीसरे दिन रविवार को भी देखने को मिला। शहर के पेट्रोल पंपों पर बगैर हेलमेट के पेट्रोल नहीं दिया गया। कई वाहन चालक पेट्रोल भरवाने के लिए दूसरे वाहन चालकों से थोड़ी देर के लिए हेलमेट देने का आग्रह करते नजर आए। उधर बाणगंगा क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर बगैर हेलमेट आने वाले वाहन चालकों को भी पेट्रोल दिया जा रहा था। कुछ पंपों को प्रशासन ने सील भी किया है,क्योंकि उन्होंने प्रशासन के आदेश का उल्लघंन किया था।