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Indore: इंदौर मेट्रो मामले में सुनवाई, याचिकाकर्ता ने कहा-ढाई सौ मीटर में मिले पुरातत्व महत्व के भवन

Sun, 07 Jun 2026 08:20 PM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

 मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट का अंडरग्राउंड रूट निर्माण से पहले कानूनी विवादों में घिर गया है। ऐतिहासिक धरोहरों को खतरे का हवाला देते हुए हाईकोर्ट में दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कलेक्टर को सभी आपत्तियों के निराकरण के निर्देश दिए हैं।
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इंदौर मेट्रो - फोटो : AMAR
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विस्तार
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दौर मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर हाईकोर्ट में लगी याचिका पर कोर्ट ने कलेक्टर को सुनवाई कर आपत्तियों के निराकरण के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता किशोर कोडवानी ने सुनवाई के दौरान कहा कि राजवाड़ा पैलेस मेट्रो लाइन से 205 मीटर की दूरी पर स्थित है। इसके अलावा कृष्णपुरा की छतरी की मेट्रो लाइन से दूरी 188 मीटर पाई गई।

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बोलिया सरकार की छतरी भी मेट्रो लाइन से 178 मीटर दूर है, लेकिन मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए पुरातत्व विभाग की अनुमति नहीं ली गई। उन्होंने सुनवाई के दौरान बताया कि जब जांच कमेटी अन्य स्थलों के निरीक्षण के लिए गई थी, तो शिवविलास पैलेस पर ताला लगा हुआ पाया गया था। वहां पुरातत्व विभाग का कोई बोर्ड नहीं लगा था, बल्कि शिवविलास पैलेस पर निजी संपत्ति का बोर्ड लगा हुआ पाया गया और आसपास के लोगों ने बताया कि शिवविलास पैलेस एक निजी संपत्ति है।
 

इसके बाद कमेटी ने सुभाष चौक के दुर्गा माता मंदिर का भी निरीक्षण किया। मौके पर पुरातत्व विभाग का बोर्ड नहीं मिला। वहां के रहवासी परिवारों द्वारा बताया गया कि मंदिर 236 वर्ष पुराना है और उसका जीर्णोद्धार 2017 में किया गया था।

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कमेटी ने इमामबाड़ा का भी निरीक्षण किया, जहां मौके पर पुरातत्व विभाग का कोई बोर्ड नहीं लगा है। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि वह 250 वर्ष पुराना है। आपको बता दें कि मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट का काम अभी शुरू नहीं हुआ है और उससे पहले ही मामला कोर्ट तक पहुंच गया है। कोर्ट ने जिला प्रशासन को पहले इस मामले में सुनवाई करने के लिए कहा है।

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