फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indore: दंगे व हत्या के प्रयास का आरोपी भी रहा है अलफलाह विवि के कर्ताधर्ता का भाई हमूद

Tue, 18 Nov 2025 08:49 AM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

हमूद के खिलाफ 1988-89 में दंगे व हत्या का केस दर्ज हुआ था। वह महू के मुकेरी पुरा में रहता था। वर्ष 2000 में धोखाधड़ी के तीन केस  दर्ज हुए थे। इसके बाद सिद्दीकी परिवार महू से भाग गया था। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हमूद किन लोगों के संपर्क में रहा।
विज्ञापन
पुलिस गिरफ्त में हमूद - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महू पुलिस ने चिटफंड घोटाला करने वाले आरोपी को पकड़ में 25 साल तक कोई रुचि नहीं दिखाई। उसे अब पांच दिन के भीतर हैदराबाद से पकड़ लाई,क्योकि उसके भाई जवाद की अलफलाह यूनिवर्सिटी में दिल्ली में बम विस्फोट करने वाले दो आतंकी काम करते थे। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जब हमूद का अपराधिक रिकार्ड खंगाला गया तो धोखाधड़ी के अलावा उस पर पूर्व पांच प्रकरणों का रिकार्ड भी मिला। इसमें दंगा भड़काने व हत्या के प्रयास का मामला भी शामिल है।

अब पुलिस यह पता लगाने का पता लगा रही है कि हमूद भी कही देश विरोधी गतिविधियों में तो शामिल नहीं है। दिल्ली में हुए बम विस्फोट में शामिल आतंकियों की अलफलाह यूनिवर्सिटी भी जांच एजेसियों व पुलिस के निशाने पर है। यूनिवर्सिटी के चांसलर महू निवासी जवाद सिद्दीकी भी पुलिस को नहीं मिल रहा है। उसके दुबई भाग जाने की आशंका है,क्योकि उसकी दो बहने  और बेटे दुबई में रहते है।

 

जवाद के भाई हमूद को महू पुलिस ने हैदराबाद से गिरफ्तार किया है। पुलिस को 25 साल से उसकी तलाश थी। हमूद ने महू में कई परिवारों को चिटफंड कंपनी में पैसा दोगुना करने के नाम पर ठगा था। दिल्ली बम कांड में इंदौर जिले के महू का कनेक्शन आने के बाद ही पुलिस ने हमूद के बारे में पता लगा लिया था। 25 साल में पहले कभी उसे पकड़ने की कोशिश महू पुलिस ने नहीं की, लेकिन अब उसे हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया। उसे महू लाया गया।

 

हमूद के खिलाफ 1988-89 में दंगे व हत्या का केस दर्ज हुआ था। वह महू के मुकेरी पुरा में रहता था।इसके बाद वर्ष 2000 में धोखाधड़ी के तीन केस उस पर दर्ज हुए थे। इसके बाद सिद्दीकी परिवार महू से रातो-रात भाग गया था। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हमूद किन लोगों के संपर्क में रहा। हमूद जवाद के संपर्क रहा या नहीं। इसके अलावा महू में किए घोटाले के रुपयों को हमूद ने कहा लगाया। यह भी पता लगाया जाएगा। पुलिस को आशंका है कि घोटाले के पैसे से ही जवाद ने फरीदाबाद में इंजीनियरिंग काॅलेज खोला है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें