इंदौर में सोमवार को फाल्गुन पूर्णिमा पर ही ज्यादातर स्थानों पर होलिका दहन हुए। चंद्र ग्रहण और भद्रा के साये के बीच पहली सरकारी होली शाम को ठीक सात बजे जली। 300 वर्षों से चली आ रही परंपरा को निभाते हुए सरकारी होली का दहन 1100 कंडों के साथ किया गया। यहां की अग्नि से आसपास के क्षेत्रों की होली जलाई गई।
शाम छह बजे से ही राजवाड़ा पर लोग जुटने लगे थे। होली जलने के बाद उन्होंने ऊंबी अंगारों पर सेंकी और जलती होली की परिक्रमा की। होलिका को राजपरिवार के लोगों द्वारा वस्त्र अर्पित किए गए और गोकाष्ट से होलिका दहन किया गया।
बता दें कि सोमवार शाम 5.45 बजे से पूर्णिमा शुरू हो गई, जो तीन मार्च को शाम पांच बजे तक रहेगी। मंगलवार को चंद्रग्रहण दोपहर 3.21 से शाम 6.47 बजे तक रहेगा। इसका सूतक काल नौ घंटे पहले सुबह 6.21 बजे से लगेगा, जो ग्रहण समाप्त होने तक यानी शाम 6.47 बजे तक रहेगा। इस कारण जिन परिवारों में किसी सदस्य की मृत्यु हुई है। उनके वहां रिश्तेदार व परिजन 4 मार्च को रंग डालने जाएंगे। इसके अलावा अन्य पूजा के कार्य भी मंगलवार को नहीं होंगे।