प्रदेश के पहले डबल डेकर ब्रिज के दूसरे हिस्से का काम शुरू हो चुका है। इसकी ऊंचाई जमीन से 70 फीट है। इसके लिए गर्डर लांच करने का काम शुरू हो गया। बुधवार देर रात पहली गर्डर पिलरों पर रखी गई। अब हर दिन एक-एक कर 247 गर्डर लांच की जाएगी। इसके बाद ब्रिज पर बेस बनाने का काम शुरू होगा।
लवकुश चौराहे पर आकार ले रहे डबल डेकर ब्रिज में से एक ब्रिज तैयार हो चुका है। उसे यातायात के खोला जा चुका है। नया ब्रिज उस ब्रिज और मेट्रो ट्रेक के 20 फीट उपर से क्रास होगा। डेढ़ सौ करोड़ की लागत से इस ब्रिज का निर्माण इंदौर विकास प्राधिकरण करा रहा है।
पिलरों पर गर्डर रखने के लिए विशेष क्रेन की मदद ली जा रही है। लवकुश चौराहे पर दिनभर ट्रैफिक का दबाव ज्यादा रहता है। इस कारण देर रात गर्डर रखने का काम शुरू किया गया। एक गर्डर का वजन 12 टन है। कुल तीन हजार टन के गर्डर पिलरों पर रखे जाएंगे।
नए साल में ब्रिज का निर्माण पूरा हो जाएगा। इस तरह का डबल डेकर ब्रिज अभी तक प्रदेश में किसी भी शहर में नहीं बना है। इंदौर में अब राजीव गांधी प्रतिमा चौराहा पर भी डबल डेकर ब्रिज के लिए प्राधिकरण सर्वे करा रहा है। यहां भी ट्रैफिक का काफी दबाव रहता है।