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इंदौर: गरबा पंडाल में बच्ची से बदसलूकी करने वाले भाजपा नेता बोले- दोषी साबित हो जाऊं तो, फांसी पर लटका देना

Sun, 18 Oct 2026 07:41 PM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर में गरबा पंडाल विवाद और एफआईआर दर्ज होने के बाद भाजपा नेता कमल सिंह चौहान ने वीडियो जारी कर सफाई दी है, जिसमें उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषी पाए जाने पर उन्हें फांसी दी जाए।
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बालिका को धक्का देने का दृश्य। इनसेट में कमल सिंह चौहान। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर के कनकेश्वरी देवी गरबा पंडाल में एक नाबालिग बच्ची के साथ बदसलूकी करने और उसे धक्का देकर बाहर निकालने के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद नया मोड़ आ गया है। आरोपी भारतीय जनता पार्टी मंडल अध्यक्ष कमल सिंह चौहान ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी सफाई पेश की है। इस पूरे मामले में उन्होंने घटना की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है और कहा है कि यदि वह इस घटना में दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें फांसी के फंदे पर लटका दिया जाए।
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अपने वीडियो संदेश के जरिए चौहान ने बच्ची से माफी भी मांगी है। उनका मुख्य दावा है कि घटना की उस रात बच्ची के पिता ने शराब पी रखी थी और अत्यधिक नशे की हालत में वहां आए थे। उन्होंने बताया कि गरबा करने वाली अन्य बालिकाओं ने आकर उनसे इस बात की शिकायत की थी, जिसके बाद यह पूरा विवाद शुरू हुआ। हालांकि, इस पूरे मामले में लगाए गए सभी आरोपों की सत्यता की पुष्टि अब पुलिस और प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

बारह वर्षों से दे रहे हैं गरबा उत्सव में सेवाएं
कमल सिंह चौहान ने अपने वीडियो में कहा कि वह लगभग बारह वर्षों से इस गरबा उत्सव में लगातार अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बड़े आयोजन में लगभग 5 हजार बालिकाएं रोज गरबा करने के लिए आती हैं और इतने लंबे समय के कार्यकाल में कभी भी इस तरह की कोई भी अवांछित घटना सामने नहीं आई है। उनके अनुसार, घटना वाली रात बच्ची के पिता नशे की हालत में परिसर में पहुंचे थे। गरबा करने वाली अन्य बालिकाओं ने जब इस बात की शिकायत आयोजकों से की, तब उन्होंने बच्ची के पिता को वहां रोकने का प्रयास किया, जिसके कारण विवाद की स्थिति बन गई।
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बच्ची से मांगी माफी और जांच की मांग
चौहान का यह भी कहना है कि जब वे उस बच्ची को समझाने के लिए मौके पर पहुंचे, तो उसने भी उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने यह दावा भी किया कि वह बच्ची नियमित रूप से उस पंडाल में गरबा नहीं करती थी। चौहान ने अपनी सफाई में कहा कि यदि उनकी किसी भी बात या कृत्य से किसी को भी ठेस पहुंची है या बुरा लगा है, तो इसके लिए वे क्षमा प्रार्थी हैं। उन्होंने उस बच्ची से भी सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और शासन-प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच करवाने की मांग उठाई है।

नगर अध्यक्ष की तरफ से मिला नोटिस 
कमल सिंह चौहान ने अपनी बात रखते हुए कहा कि गरबा स्थल पर हजारों की संख्या में माता-पिता अपनी बेटियों पर पूरा भरोसा करके उन्हें खेलने के लिए भेजते हैं। ऐसी स्थिति में आयोजकों को किसी भी विवाद के उत्पन्न होने पर क्या कदम उठाने चाहिए, इस विषय पर गंभीरता से विचार किया जाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और नगर अध्यक्ष से इस पूरे मामले की तह तक जाकर जांच कराने की पुरजोर मांग की है।

चौहान के मुताबिक, इस घटना के बाद उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और साथ ही भाजपा के नगर अध्यक्ष की तरफ से उन्हें एक आधिकारिक नोटिस भी जारी किया गया है। उन्होंने अंत में अपनी बात दोहराते हुए कहा कि यदि पुलिस या प्रशासनिक जांच में वे किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाते हैं, तो वे हर प्रकार की सजा भुगतने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। वहीं दूसरी तरफ बालिका और उसके परिजन का इस मामले पर कोई बयान नहीं आया है। पुलिस ने उनसे पूछताछ कर ली है और वे घटना की रात हुई सभी बातें पुलिस को दर्ज करवा चुके हैं। 
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