इंदौर की भागीरपुरा बस्ती में बीते तीन दिन में पांच मौतें हो चुकी हैं। इनमें चार महिलाएं शामिल है। सभी को उल्टी-दस्त और कमजोरी की शिकायतें थी, हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इन मौतों की पुष्टि नहीं कर रहा है, लेकिन मृतकों के परिजनों ने बीमारी से मौतों की पुष्टी की है। उधर बस्ती में उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या भी मंगलवार को बढ़ गई। आंकड़ा 200 से ज्यादा तक पहुंचा है। इतनी बड़ी संख्या में मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर जाकर दवाईयां बांटी।
मृतकों में बीमारी के समान लक्षण थे
75 वर्षीय नंदलाल पाल और उमा कोरी की मौत मंगलवार को हुई है। दोनों भागीरथपुर के निवासी है और उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद वर्मा नर्सिंग होम व अरविंदो अस्पताल में हुई है। इसके अलावा उर्मिला यादव व सीमा प्रजापति की मौत रविवार को हुई। उर्मिला के बेटे संजय ने बताया कि उनकी मां को दस्त लगे थे। दवाई देने के बाद भी वे ठीक नहीं हो रही थी।
शनिवार को उन्हें क्लाथ मार्केट अस्पताल में भर्ती किया गया, लेकिन 30 घंटे बाद उनकी मौत हो गई। संजय ने बताया कि उनका बेटा शिवा यादव भी अस्तपाल में भर्ती है। उसे वे काफी कमजोर हो गई थी। नंदलाल पाल के परिजनों ने बताया कि सोमवार दोपहर मेें उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ी थी। वे अस्पताल में भर्ती हुए है। उमा कोरी के पति पप्पू कोरी ने बताया कि दो-तीन दिन से उमा की तबीयत खराब चल रही थी। रविवार सुबह पांच बजे उसे दो-तीन उल्टियां हो गई। वह चल भी नहीं पा रही थी। उसे अरविंदो अस्पताल में भर्ती किया गया। दोपहर में डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घर जाकर कर रहे इलाज, ड्रेनेज लाइन साफ