जाम गेट के समीप हुई थी वारदात।
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छह माह पहले महू के पर्यटन क्षेत्र जाम गेट में ट्रेनी सैन्य अफसर के साथ हुई मारपीट और उनकी महिला मित्र के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में महू की फॉस्टट्रेक कोर्ट ने पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सुनवाई के दौरान 30 से ज्यादा लोगों की गवाही हुई। इसके अलावा डीएनए रिपोर्ट भी इस केस में महत्वपूर्ण रही। इसके आधार पर आरोपियों को सजा हुई। इस मामले में महिला ने घटना के बाद बयान नहीं दिए थे। वारदात में छह आरोपी शामिल थे, लेकिन एक आरोपी नाबालिग है। उसका केस बाल न्यायालय में चल रहा है।
महू की अदालत ने सोमवार को इस मामले में फैसला सुनाया। आरोपी अनिल पिता मदन, पवन पिता लाल, रितेश पिता देवेश, रोहित पिता ज्ञान सिंह और सचिन पिता ज्ञान सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
अफसरों को बंधक बनाकर मांगे थे रुपये
पिछले साल 10 सितंबर को दो प्रशिक्षु सैन्य अधिकारी अपनी दो महिला मित्रों के साथ रात को जाम गेट तक गए थे। वे कार रोककर बातें कर रहे थे, तभी आरोपी हथियार लेकर उनके पास आए और दोनों सैन्य अफसरों के साथ मारपीट की। एक ट्रेनी आर्मी अफसर और उसकी गर्लफ्रेंड को आरोपियों ने छोड़ दिया और 10 लाख रुपये लेकर आने के लिए कहा। इस दौरान दूसरे अफसर और उसकी महिला मित्र को बंधक बनाकर रखा गया। इसके बाद अनिल और रितेश बंधक युवती को झाड़ियों में ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दूसरे अफसर ने अपने कमांडेंट को सूचना दी। इसके बाद मौके पर पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी भाग गए थे।
बाद में पुलिस ने घटना में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने घटना के एक माह के भीतर ही चालान पेश कर दिया था। पुलिस ने दुष्कर्म में शामिल अनिल और रितेश के कपड़े, मौके पर मिले उनके सिर के बाल आदि डीएनए सेंपल के लिए भेजे थे। युवती के सैंपल भी भेजे गए थे। रिपोर्ट में आरोपियों द्वारा युवती से दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से हथियार भी जब्त किए थे।