मेट्रो ट्रेन की स्पीड का सर्वे शुरू
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इंदौर में मेट्रो प्रोजेक्ट के 17 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो के संचालन की राह आसान होती नजर आ रही है। सोमवार को कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (CMRS) की टीम ने मेट्रो ट्रेन में सवार होकर कोच की सुरक्षा, स्टेशनों की स्थिति देखी।
ट्रेन को अलग-अलग स्पीड पर चलाकर भी देखा गया। इस दौरान ट्रेक के जिस हिस्से में मोड़ है या ढलान है, वहां पर बारीकी से जांच की गई, ताकि 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन के संचालन के दौरान कोई परेशानी न हो। टीम ने रविवार से फाइनल निरीक्षण शुरू किया था। ट्रैक, स्टेशनों और मेट्रो सिस्टम की बारीकी से जांच की जा रही है। जहां रविवार को टीम ट्रॉली पर दौरा कर रही थी, वहीं सोमवार को मेट्रो ट्रेन में सवार होकर सर्वे किया गया।
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निरीक्षण 18 मार्च तक चलेगा। मंगलवार और बुधवार को मेट्रो ट्रेन को 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर ट्रैक की क्षमता और सुरक्षा का परीक्षण किया जाएगा। यह देखा जाएगा कि तेज रफ्तार में ट्रेन और ट्रैक का प्रदर्शन कैसा रहता है। इसके बाद ही मेट्रो ट्रेन के संचालन की अनुमति मिलेगी। टीम के सर्वे के कारण गांधी नगर से बागड़दा तक छह किलोमीटर के हिस्से में मेट्रो का संचालन बंद कर दिया गया है।
80 रुपये तक होगा किराया
मेट्रो के संचालन की मंजूरी मिलने के बाद मेट्रो रेल कार्पोरेशन किराए का निर्धारण करेगी। गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक अधिकतम किराया 80 रुपये तक हो सकता है। गांधी नगर से रेडिसन चौराहे तक की दूरी 17 किलोमीटर है। अगले माह से मेट्रो का कमर्शियल संचालन हो सकता है। सरकार इसके लिए बड़ा लोकार्पण कार्यक्रम भी रख सकती है। फिलहाल मेट्रो साढ़े छह किलोमीटर हिस्से में संचालित हो रही है लेकिन उस हिस्से में मेट्रो के लिए यात्री नहीं मिल रहे है।