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Indore: डाॅग लवर्स ने खोला निगम के खिलाफ मोर्चा, बोले- शेल्टर होम के बजाए जंगलों में छोड़े जा रहे कुत्ते

Tue, 25 Nov 2025 10:47 AM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

बेेेेेेसहारा कुत्तों की देखभाल के लिए शेल्टर होम संचालित करने वाली भावना जादौन ने कहा कि शहर से कुत्तों को पकड़ कर दूसरी जगह छोड़ने से कभी समस्या हल नहीं होगी,क्योकि फिर दूसरे कुत्ते उस इलाके में आ जाते है। कुत्तों का सही तरीके से टीकाकरण हो।
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शहर के बेसहारा कुत्तों को छोड़ा जा रहा जंगल में। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंदौर के डाॅग लवर्स शहर से कुत्तों को पकड़े जाने के खिलाफ है। इस मामले वे आंदोलन की तैयारी कर रहे है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने शेल्टर होम बनाकर कुत्तों को वहां रखने के लिए कहा है, लेकिन नगर निगम कुत्तों को पकड़ कर जंगलों में छोड़ रहा है।इससे वन्य जीवों को रैबिज होने का खतरा बढ़ गया है।

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यदि वे रेबीज ग्रस्त कुत्ते का शिकार करते है तो इससे जानवरों में रोग फैलेगा। उन्होंने कहा कि हम भी चाहते है कि शहर में कुत्तों का बर्थ कंट्रोल हो, लेकिन उनकी नसबंदी ठीक से नहीं हो रही है। जयपुर, गोवा जैसे शहरों में कुत्तों की समस्या नहीं है,क्योकि वहां बर्थ कंट्रोल के ईमानदारी से प्रयास हुए है।


बेेेेेेसहारा  कुत्तों की देखभाल के लिए शेल्टर होम संचालित करने वाली भावना जादौन ने कहा कि शहर से कुत्तों को पकड़ कर दूसरी जगह छोड़ने से कभी समस्या हल नहीं होगी,क्योकि फिर दूसरे कुत्ते उस इलाके में आ जाते है। उसके बजाए कुत्तों का सही तरीके से टीकाकरण हो, उसकी नसबंदी की जाए तो कुत्तों की संख्या में कमी आ सकती है, लेकिन इस तरफ ध्यान ठीक से नहीं दिया जा रहा है।

 

अभी नगर निगम ने ठीक से शेल्टर होम भी नहीं बनाए और कुत्तों को पकड़ना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने ही कहा है कि शहरों में रहने वाले कुत्तों के लिए फिडिंग पाइंट भी बनाने के लिए कहा है, लेकिन उसका भी ठीक से पालन नहीं किया जा रहा है। शहर में घर-घर से कचरा उठाया जाता है। कुत्तों के लिए लोग भोजन नहीं देते। भूखे होने वे ज्यादा गुस्सैल हो जाते है।

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