इंदौर में कैबिनेट बैठक के बाद मध्य प्रदेश के विजन डाक्यूमेंट पर भी मुख्यमंत्री ने मंत्रियों व अफसरों के साथ मंथन किया और वर्ष 2047 तक के लिए विकास के लक्ष्य साधे गए। बैठक में घरेलू सकल उत्पाद वर्ष 2047 तक 15 लाख करोड़ से बढ़ाकर ढाई लाख करोड़ (दो ट्रिलियन डाॅलर) करने का लक्ष्य रखा गया। इस पर मंत्रियों से राय भी ली गई। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय को एक लाख 60 हजार रूपये से बढ़ाकर 22 लाख रूपये करने का लक्ष्य तय हुआ है। अब देखना है कि सरकारें इस लक्ष्य को कितना साध पाती है।
विकसित मध्यप्रदेश 2047 को विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने की कवायद पिछले साथ अप्रैल माह में हुई थी। तब नीति आयोग से चर्चा की गई। मध्य प्रदेश में इस डाक्यूमेंट पर अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव का आठ समूहों के साथ मंथन हुआ और अपने सुझाव नीति आयोग को भेजे गए थे। पिछले साल नवंबर में नीति आयोग के सीईओ और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में भोपाल में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों के सुझाव, विषय विशेषज्ञों के साथ चर्चा के लिए कहा गया था। इस कारण मंगलवार को इंदौर में इस विषय पर बैठक आयोजित की गई। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार समिति भी गठित की गई है। इस विजन डाक्यूमेंट को जमीन पर लाने के लिए तैयार रोडमैप का प्रेजेंटेशन मंत्रियों को दिया गया। उन्हें बताया गया कि मंत्रि परिषद के सदस्यों के समक्ष सम्बंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन दिया।राज्य के सभी विभागों की योजनाओं, लक्ष्यों व कार्य बिंदुओं की डिजिटल ट्रैकिंग की जाएगी और लाइव डैशबोर्ड बनाया जाएगा।
प्रेजेंटेशन में बताया गया कि वर्तमान में राज्य की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। कृषि जीएसडीपी में 43 प्रतिशत योगदान देता है और सेवाएं और उद्योग का योगदान 36 और 21 प्रतिशत है। 2047 तक उद्योगों और स्टार्टअप को बढ़ावा देकर, रोजगार के अवसर सृजित कर अर्थव्यवस्था को संतुलित किया जाएगा। सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में में प्रति व्यक्ति औसत आयु को 67.4 वर्ष से बढ़ाकर 2047 तक 84 वर्ष से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया था। साथ ही साक्षरता दर को 75.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 2047 तक 100 प्रतिशत करने की कोशिश भी सरकार की रहेगी।