इंदौर क्राइम ब्रांच ने कई राज्यों से जुड़े साइबर फ्रॉड मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने संगठित साइबर अपराध गिरोह को अपना बैंक खाता और उससे जुड़ी सिम इस्तेमाल के लिए दी थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस खाते का इस्तेमाल देश भर में हुई ऑनलाइन ठगी के पैसों के लेनदेन के लिए किया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपी युवक का नाम लक्की परमार है और वह तिलक नगर में रहता है। लक्की बी.कॉम पास है और फीनिक्स मॉल स्थित गेम जोन की क्लिकट्रा कंपनी में काम करता है। पुलिस को उसके खाते से करोड़ों रुपए के ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली है।
9 राज्यों से जुड़ी थीं शिकायतें
लक्की के बैंक खाते के खिलाफ देश के नौ अलग-अलग राज्यों से साइबर अपराध की दर्जनों शिकायतें दर्ज थीं। इनमें पश्चिम बंगाल, झारखंड, असम, बिहार, दिल्ली, गोवा, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। नेशनल साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर इन शिकायतों के दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की।
म्यूल अकाउंट और सिम से होता था लेनदेन
जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने न्यू पलासिया स्थित बैंक शाखा में खुला अपना खाता और उससे लिंक मोबाइल सिम साइबर अपराधियों को मुहैया कराई थी। इस सिम का उपयोग बैंक से आने वाले वन टाइम पासवर्ड प्राप्त करने के लिए किया जाता था। इस तरह अपराधियों को खातों के पूर्ण संचालन और अवैध लेनदेन की सुविधा मिल जाती थी।
ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत मिली सफलता
यह पूरी कार्रवाई ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत की गई है। क्राइम ब्रांच को गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर, राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय और साइबर पोर्टल से संदिग्ध खातों का डेटा मिला था। इसी डेटा के विश्लेषण के बाद डीसीबी बैंक के खाते की कड़ी मिली और पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया।
आरोपी से पूछताछ चल रही
पुलिस ने आरोपी के पास से संबंधित बैंक खाता और उससे लिंक मोबाइल फोन तथा इलेक्ट्रॉनिक सिम को अपनी जांच में शामिल किया है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। क्राइम ब्रांच अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि इस अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क के बाकी सदस्यों और मुख्य सरगना का पता लगाया जा सके।