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Indore News: इंदौर में 46 लाख की ठगी मामले में असद अहमद से क्राइम ब्रांच की पूछताछ जारी

Mon, 09 Dec 2024 04:34 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: इंदौर में 46 लाख रुपये की ठगी मामले में असद अहमद से क्राइम ब्रांच पूछताछ कर रही है, जो ठगी के लिए मदरसा समिति के खाते का इस्तेमाल कर रहा था।
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Indore News - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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इंदौर में 46 लाख रुपये की ठगी के मामले में क्राइम ब्रांच द्वारा पूछताछ की जा रही है। असद अहमद, फलाह दारैन मदरसा समिति के सहप्रबंधक, अभी 10 दिसंबर तक रिमांड पर है। असद और उसके पिता अली अहमद ने सितंबर महीने में मदरसा समिति के नाम पर नौ बैंक खाते खुलवाए थे और इन खातों को मुख्य ठगों को 50 प्रतिशत कमीशन पर दे दिया था, जिनसे ठगी की रकम जमा की जानी थी। इस ठगी में एक वृद्धा छाया से 46 लाख रुपये ठगे गए थे, और इस पैसे को मदरसा समिति के खाते में ट्रांसफर किया गया था।

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क्राइम ब्रांच ने इन नौ खातों को सील करवा दिया है, लेकिन असद और उसके सहयोगियों की जांच में वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) का इस्तेमाल सामने आया है, जिससे क्राइम ब्रांच की जांच में रुकावट आ रही है। असद ने पूछताछ में बताया कि उसने फेसबुक पर एक फंड संबंधित विज्ञापन देखा था, जिसके बाद उसने ठग से संपर्क किया था। अगस्त महीने में दिल्ली में मुलाकात के बाद, उसने और ठग ने यह तय किया कि जमा राशि पर 50 प्रतिशत कमीशन की दर पर मदरसा समिति के खाते में पैसे जमा किए जाएंगे। इसके बाद, 2 सितंबर को मदरसा समिति के नाम पर नौ खाते खुलवाए गए। 11 सितंबर को जब वृद्धा छाया से 46 लाख रुपये ठगे गए, तो वह रकम मदरसा समिति के खाते में आई, और इसके बाद ठग ने स्क्रीन शेयरिंग एप के जरिए असद के फोन का एक्सेस लिया। इसके बाद, ठग ने राजस्थान, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों के 18 खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए। इस दौरान एक खाते में विभिन्न राज्यों से डेढ़ करोड़ रुपये भी जमा हुए।

क्राइम ब्रांच अब उन खातों के मालिकों की तलाश कर रही है जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे। इसके अलावा, असद के मोबाइल को फोरेंसिक लैब भेजा गया है ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके। इस मामले में असद ने पहले पुलिस को गुमराह करने के लिए 11 नवंबर को कन्नौज के कोतवाली थाने में साहिल नामक व्यक्ति पर धोखाधड़ी और आइटी एक्ट के तहत केस दर्ज करवाया था, जिसमें उसने दावा किया था कि साहिल से फेसबुक पर परिचय हुआ था और साहिल ने उसे नेट बैंकिंग के जरिए खाते का नियंत्रण लेने के बाद पैसे ट्रांसफर करवा लिए थे। इस मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है, और असद के मोबाइल से प्राप्त जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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