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इंदौर में काल बना दूषित पानी: CM मोहन ने आयुक्त से मांगा जवाब; अपर आयुक्त, प्रभारी अधीक्षण यंत्री पर गिरी गाज

Fri, 02 Jan 2026 03:31 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

Indore Water Contamination: इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 मौतों और 200 से अधिक लोगों के बीमार होने के मामले में जांच जारी है। सीएम मोहन यादव ने घटना को लेकर आयुक्त से जवाब मांगा है और अपर आयुक्त तथा प्रभारी अधीक्षण यंत्री पर एक्शन लिया है। वहीं, पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय और पार्षद ने साजिश की आशंका जताई है।
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पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय तथा सीएम मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत और 200 से अधिक लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की घटना ने शहर में हड़कंप मचा दिया है। कई अन्य लोग भी बीमार पड़े हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन किया है। इस गंभीर घटना को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर नगर निगम आयुक्त से जवाब मांगा है। इधर, पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने घटना को लेकर साजिश की आशंका जताई है।

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सीएम मोहन ने ट्वीट कर क्या कहा?
वहीं, प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना को लेकर सोशल मीडिया X पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा कि आज सुबह मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की।
 
 इस घटना को लेकर इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव और अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अपर आयुक्त सिसोनिया को तत्काल इंदौर से हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं। इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ति करने के निर्देश भी दिए।
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आकाश विजयवर्गीय का बयान
पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि मामले की जांच अभी चल रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इतनी अधिक मौतों का वास्तविक कारण क्या था। उन्होंने यह भी कहा कि केवल गंदे पानी से इतनी मौतें होना संभव नहीं लगता और इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

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पार्षद ने भी जताई शंका
क्षेत्र के पार्षद कमल वाघेला ने भी इस पूरी घटना के पीछे साजिश होने की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी और यह स्पष्ट होगा कि घटना किन कारणों से हुई।
 
 
डॉक्टर की राय
क्षेत्र के संजीवनी क्लीनिक के डॉक्टर जितेंद्र सिलावट ने बताया कि पानी में मौजूद कोई भी बैक्टीरिया आमतौर पर इतना खतरनाक नहीं होता कि उसकी वजह से सीधे मौत हो जाए। उन्होंने कहा कि उल्टी, दस्त और घबराहट के साथ अन्य कारणों से मृत्यु हो सकती है, लेकिन गंदगी में पनपने वाले बैक्टीरिया स्वयं मृत्यु का कारण नहीं बनते।
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जांच रिपोर्ट का इंतजार
घटना को लेकर विभिन्न स्तरों पर जांच जारी है। प्रशासन और सरकार की ओर से गठित टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के पीछे के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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