कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक मंगलवार को इंदौर आए। उन्होंने कहा कि हमारे देश में शिक्षा न रोजगार दे रही है और न ही आधुनिक भारत के निर्माण में मददगार साबित हो रही है।
भारत में शिक्षा की स्थिति दयनीय है। मध्य प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अभाव है। मध्य प्रदेश का एक भी विश्वविद्यालय गुणवत्ता की रेटिंग में नहीं है। विदेश से कोई विद्यार्थी मध्य प्रदेश में पढ़ने नहीं आता है। उन्होंने कहा कि एआई के जमाने में मध्य प्रदेश में शिक्षा का ढर्रा वर्षों पुराना है। जो विषय पढ़ाए जा रहे हैं, वे रोजगार नहीं दे पा रहे हैं। नायक ने कहा कि मध्य प्रदेश में स्कूल और कॉलेज सिर्फ पास-फेल की फैक्ट्री बने हुए हैं, वहां शिक्षा नहीं मिलती। कक्षाएं लगती नहीं हैं और विद्यार्थी भी रोज पढ़ने नहीं आते हैं।
जेन-जी के आंदोलन ने राहुल गांधी को लोकतांत्रिक जगह दी
नायक ने कहा कि दिल्ली में हुए जेन-जी के आंदोलन ने राहुल गांधी को लोकतांत्रिक जगह दी है। इस आंदोलन से पहले देश में डर का माहौल बना था, जो अब खत्म हो चुका है। कांग्रेस युवाओं के मुद्दे उठा रही है। नायक ने कहा कि मध्य प्रदेश में खेल संगठनों पर नेताओं का कब्जा है। आखिर वे किस योग्यता के तहत खेल संगठनों के पदाधिकारी बने हुए हैं?
एमपी में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर
कांग्रेस की कार्यसमिति के सदस्य और पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि राहुल गांधी का आयोजन सरकार इंदौर में नहीं होने देना चाहती थी। इस कारण अनुमति के अड़ंगे डाले। अनुमति नहीं मिलती तो हम सड़क पर युवाओं से मिलते। सच बोलने के लिए पहले भी हम पर प्रकरण दर्ज हुए हैं। एक प्रकरण और दर्ज हो जाता तो हमें चिंता नहीं है। भाजपाई राहुल गांधी से डरे हुए हैं। राहुल गांधी बगैर डरे आगे बढ़ते रहे। जनता से जुड़े मुद्दे वे उठाते रहे। अब वे देश के युवाओं की आवाज बन रहे हैं।
पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश में 2600 से अधिक स्कूल बंद हो गए हैं। 20 साल में 35 हजार स्कूल बंद हो गए हैं। 20 साल में 35 हजार स्कूल बंद हुए हैं। मध्य प्रदेश में बेरोजगारी सबसे ज्यादा है। पेपर निरस्त हो जाते हैं, पेपर लीक हो जाते हैं। लोग जहरीली शराब पीकर मर रहे है। कफ सीरफ बच्चों की जान ले रहा है। एमपी में शिक्षा और स्वास्थय सेवाएं वेटिलेटर पर है।