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इंदौर: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा- एमपी की पहचान देश की फूड बास्केट के रुप में बन रही

Sat, 17 Oct 2026 12:35 AM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सोयाबीन उत्पादन और कृषि आधारित उद्योगों के क्षेत्र में देश का प्रमुख राज्य है। प्रदेश में देश के कुल सोयाबीन उत्पादन का 45 प्रतिशत उत्पादन होता है। वे इंदौर में आयोजित सोया कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे।
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सोया काॅन्क्लेव में मुख्यमंत्री मोहन यादव - फोटो : amarujala
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विस्तार
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार कृषि, उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, एमएसएमई, खनन, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों में विकास को गति देने के लिए कोई कसर बाकी नहीं रख रही है। मध्यप्रदेश को देश की फूड बास्केट के रूप में पहचान प्राप्त है। सोयाबीन उत्पादन में भी प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। मालवा को सोयाबीन की राजधानी कहा जाता है। देश के कुल सोयाबीन उत्पादन में मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 45 प्रतिशत है। इस वजह से मध्यप्रदेश सोयाबीन उत्पादन और कृषि आधारित उद्योगों की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है।

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प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों और अल नीनो के प्रभाव जैसी चुनौतियों के बावजूद प्रदेश के किसानों ने सोयाबीन उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। मध्यप्रदेश में चुनौतियों को अवसर में बदलने की क्षमता है।
 

उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। सस्ती बिजली, भूमि और जल की उपलब्धता सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। प्रदेश में औद्योगिक विकास को और गति देने के लिए जबलपुर, भोपाल और इंदौर क्षेत्र को जोड़ने वाले नए इंडस्ट्री कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है। इससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

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कार्यक्रम के प्रारंभ में सोपा के चेयरमैन नरेश गोयनका ने स्वागत भाषण दिया। कॉन्क्लेव में देश-विदेश के 500 से अधिक प्रतिनिधि, नीति-निर्माता, कृषि वैज्ञानिक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और प्रगतिशील किसान शामिल हुए। कॉन्क्लेव का उद्देश्य भारतीय खाद्य तेल एवं सोयाबीन क्षेत्र के भविष्य की दिशा तय करना, घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना और वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति को मजबूत करना है।

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