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इंदौर: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा-हमारी सरकार मुद्दों को लटकाने, अटकाने में नहीं रही

Fri, 23 Oct 2026 06:12 PM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर में शुक्रवार को आयोजित सेमीकंडक्टर समिट में मुख्यमंत्री ने निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठक कर मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने ढाई साल में 25 नीतियां बनाकर विकास के नए रास्ते खोले हैं। 
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इंदौर की सेमीकंडक्टर समिट का शुभारंभ सीएम ने किया। - फोटो : amarujala
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विस्तार
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इंदौर में शुक्रवार को सेमीकंडक्टर समिट आयोजित की गई। इसमें मुख्यमंत्री ने निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के आधार पर सभी राज्यों को हर क्षेत्र में समान रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। मध्य प्रदेश में सबसे तेज गति से काम करते हुए ढाई साल में 25 नीतियां बनाई गईं और भविष्य के विकास की संभावनाओं के द्वार खोले गए।

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उन्होंने कहा कि ढाई साल में घोषित नीतियों का परिणाम है कि प्रदेश में 34 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद 30 प्रतिशत निवेश धरातल पर उतर चुका है। हमने जो कहा, उसे करके दिखाया है। निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है और भूमि आवंटन की प्रक्रिया को भी सरल बनाया है।
 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी मध्य प्रदेश आता है, वह हमेशा के लिए मध्य प्रदेश का होकर रह जाता है। प्रदेश में सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता है। हमारी सरकार मुद्दों को लटकाने, अटकाने और भटकाने में विश्वास नहीं रखती। अब फाइलों की जगह फैसलों ने और समस्याओं की जगह समाधानों ने ले ली है।

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उन्होंने कहा कि 35 साल पहले नक्सलवाद के कारण महाकौशल क्षेत्र में विकास का पहिया थम गया था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल गई हैं। हमारी सरकार ने लाल सलाम को आखिरी सलाम दिया है। पहले मध्य प्रदेश को कृषि तक सीमित माना जाता था, लेकिन अब सरकार अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी प्रदेश नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
 

मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 साल पहले प्रदेश में पांच हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन होता था, जबकि अब राज्य में 32 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता है। उन्होंने मध्य प्रदेश में सस्ती बिजली की उपलब्धता को भी निवेश के लिए अनुकूल बताया।
 

समिट के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़े निवेशकों तथा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास की संभावनाओं पर चर्चा की।
 

समिट के दूसरे दिन चिप प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद निर्माण, डिजाइन सेवाओं, अनुसंधान एवं विकास तथा प्रतिभा संवर्धन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।

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