इंदौर मेें छठ महापर्व केे तीसरे दिन गुरुवार को व्रतधारियों ने डूबतेे सूर्य को अर्घ्य दिया और परिवार की खुशहाली की मनोकामना मांगी। शहर में डेढ़ सौ से ज्यादा स्थानों पर कुंड बनाए गए थेे। जिसमें नगर निगम के टैंकरों से साफ पानी भरा गया था।
शाम को व्रत करने वाले परिवार कुंड स्थलों पर पूजन सामग्री के साथ जुटने लगे और कुंड मेें खड़े होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया गया। इंदौर मेें विजय नगर, पिपलियाहाना तालाब, स्कीम-54, तुलसी नगर, सुखलिया ग्राम सहित कई क्षेत्रों में छठ महापर्व मनाया गया। आयोजन स्थल पर छठ माता की पूजा भी महिलाएं करती नजर आई।
सूर्य के अस्त होने के बाद परिवार अपने-अपने घरों की तरफ लौटे और दिनभर बना गए पकवान और प्रसाद को ग्रहण किया। अब शुक्रवार सुबह सूर्य उदय के समय फिर व्रतधारी कुंड पर आएंगे और सूर्य की पूजा करेंगे। धर्मग्रंथों के अनुसार गुरुवार को कार्तिक शुक्ल की षठी तिथि थी। इसे सूर्य जयंती भी कहा जाता हैै। इस दिन अग्नि पूजा का काफी महत्व रहता है।
छठ माता के गीत गूंजे, आतिशबाजी भी हुई
कुंड स्थलों पर पूजा के साथ जश्न जैसा माहौल था। ज्यादातर स्थानों पर छठ माता के गीत गूंज रहे थे और लोग आतिशबाजी भी कर रहे थे। विजय नगर के उद्यान में आकर्षक रोशनी की गई थी। ढोलक की थाप पर युवतियां नृत्य कर रही थी तो युवक आतिशबाजी कर महापर्व को उत्सव का रुप दे रहे थे।