यह पोस्ट लिखी कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय ने
हेमंत मालवीय ने लिखा कि " माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश अनुसार मुझे 1 मई 2025 को प्रकाशित किए अपने फेसबुक पोस्ट पर गहरा खेद है। मैं माननीय सर्वोच्च न्यायालय को सम्मानपूर्वक कहता हूँ कि मेरा किसी भी कार्टून या पोस्ट से ,किसी समुदाय,जाति,धर्म से जुड़ी भावनाओं को ठेस पहुँचाना,तनाव भड़काना या जानबूझकर किेसी पार्टी या व्यक्ति का अपमान करने का कतई कोई इरादा या उद्देश्य नहीं था।
मेरा अपनी किसी भी फेसबुक पोस्ट से किसी सार्वजनिक व्यक्ति, संगठन या समुदाय के प्रति अनादर करने का कोई इरादा नहीं था। अनजाने में हुए इस कृत्य का मुझे बहुत खेद है | मैं पूरे हृदय और ईमानदारी से बारम्बार क्षमा मांगता हूँ।
मैं यह मानता हूँ और सर्वदा ध्यान रखूँगा कि भाईचारा और सामाजिक सद्भाव सुनिश्चित करना मेरी भी ज़िम्मेदारी है और भविष्य में मैं इसका पूरा ध्यान रखूँगा।"