300 करोड़ रुपये के बीआरटीएस की 100 मीटर की बस लेन की रैलिंग नगर निगम ने उखाड़ दी है। उस हिस्से में आई बस मिक्स लेन में चली। अब बीआरटीएस के बचे हिस्सों की रैलिंग हटाई जाएगी। बस रैलिंग हटाने में अफसर जल्दबाजी नहीं कर रहे है,क्योकि स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल के लिए सड़क के नीचे वायरिंग भी बिछाई गई है। इसके अलावा बस स्टाॅपों के लिए भी उपकरण लगाए गए है।
शुक्रवार देर रात नगर निगम ने बस रैलिंग हटाने का काम शुरू किया। गुरुवार को ही हाईकोर्ट ने बीआरटीएस हटाने की मंजूरी दी थी। बीआटीएस का एलआईजी से नवलखा चौराहे तक का हिस्सा संकरा है। यहां मोटर व्हीकल लेन में अक्सर जाम लगता है। फिलहाल इसी हिस्से से बस लेन को तोड़ा जा रहा है, ताकि ट्रैफिक की राह आसान हो।
चार माह का समय लगेगा
बीआरटीएस का निर्माण 11 किलोमीटर लंबाई में निरंजनपुर से राजीव गांधी चौराहे तक किया गया है। अब पूरे मार्ग से बीआरटीएस लेन हटाई जाएगी। इसमें चार माह का समय लगेगा। रैलिंग हटाने के बाद दोनो तरफ के डिवाइडर हटाए जाएंगे। इसके बाद मार्ग की सेंट्रल लाइन तय कर बीच के हिस्से में डिवाइडर बनाए जाएंगे।
बस स्टाॅपों को हटाने का काम रैलिंग हटाने के बाद किया जाएगा। बस स्टाॅप तोड़ने के लिए रात का समय चुना जाएगा,ताकि कोई हादसा न हो सके। मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने बताया कि बीआरटीएस के चौराहों पर नगर निगम ब्रिज बनाएगा। इसका काम अलगे साल शुरू होगा। भंवरकुआ पर इंदौर विकास प्राधिकरण ब्रिज बना चुका है। निरंजनपुर और सत्यसांई चौराहा पर ब्रिज बनाने का काम शुरू हो चुका है। पलासिया चौराहा, गीताभवन, व्हाईट चर्च चौराहे पर भी ब्रिज बनाए जाएंगे।