इंदौर में दो लोगों ने की आत्महत्या।
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बीएसएफ परिसर में काम करने वाले कुक ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। उनसे आत्महत्या क्यों की। इसका खुलासा नहीं हो पाया,क्योकि उसके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। कुक रामबाबू 30 साल से बीएसएफ की नौकरी कर रहा था। सुबह वह मैस नहीं पहुंचा तो साथी कर्मचारी उसके कमरे में पहुंचे तो देखा कि उसने रैंलिग में फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली।
कर्मचारियों ने एरोड्रम पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रामबाबू मूल रुप से सवाई माधोपुर का निवासी था और दो साल से एरोड्रम रोड स्थित बीएसएफ परिसर में पदस्थ था। अफसरों ने रामबाबू के परिजनों को सूचना दी है। पुलिस ने रामबाबू का मोबाइल जब्त किया है। उसकी जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि,ताकि यह पता चल सके कि आत्महत्या के पहले उसने वीडियों में कुछ रिकार्ड कर अपनी मौत की वजह बताई है या नहीं।
इसके अलावा इंदौर के गांधी नगर में संजय अवासे नामक युवक ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने कहा कि संजय को उसकी पत्नी मुस्कान प्रताडि़त करती थी। पत्नी संजय को छोड़कर चली गई थी और उसके खिलाफ थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। संजय के भाई की शिकायत पर पुलिस ने मुस्कान और परिजनों के खिलाफ केस दर्ज किया है।