देश के पहले इंदौर बीआरटीएस प्रोजेक्ट को अब तोड़ने का काम शुरू होगा। इसके लिए एक एजेंसी तैयार हो चुकी है और महापौर परिषद ने मंजूरी भी दे दी है। दीपावली के बाद यह काम शुरू होगा। बीआरटीएस तोड़ने से करीब तीन करोड़ रुपये की आय नगर निगम को होगी, जबकि इसके निर्माण में 13 साल पहले 250 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लगी थी। बीआरटीएस तोड़ने का फैसला राज्य सरकार ने लिया है, अब इसी मार्ग के सात चौराहों पर ब्रिज बनाए जाएंगे। ये खबर भी पढ़ें: Indore News : RSS के पथ संचलन में सड़कों पर उतरेंगे 2 लाख स्वयंसेवक, जानिए क्या है खास बीआरटीएस तोड़ने का फैसला सरकार ने लिया था, क्योंकि बीआरटीएस के सात चौराहों पर ब्रिज बनाना हैं। बीआरटीएस तोड़ने की जानकारी नगर निगम की तरफ से हाईकोर्ट में भी दी गई है। वहां से भी इसके लिए मंजूरी मिल चुकी है। बीआरटीएस तोड़ने में भी कम से कम चार माह का समय लगेगा, क्योंकि उसमे काफी महंगे उपकरण लगे हैं। तोड़ने वाली एजेंसी उसका उपयोग करेगी। एक ब्रिज बना, दूसरा निर्माणाधीन साढ़े 11 किलोमीटर लंबे बीआरटीएस पर आई बसों का संचालन किया जाता है। इनमें हर दिन 70 हजार से ज्यादा यात्री सफर करते हैं। अब ये आई बसें मिक्सलेन में चलेंगी। बीआरटीएस के भंवरकुआ चौराहा पर इंदौर विकास प्राधिकरण ब्रिज बना चुका है। निरंजनपुर चौराहे पर भी ब्रिज बनाया जा रहा है। सात चौराहों के लिए नगर निगम ने प्री फिजिबिलिटी सर्वे कराया है। इन चौराहों पर ब्रिज बनाए जाना हैं। निर्माण का काम भी छह माह बाद ही शुरू हो पाएगा।