फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में इंदौर हाईकोर्ट ने भाजपा पार्षद कमलेश कालरा और तीन अफसरों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। कमलेश कालरा पर इंदौर नगर निगम के चुनाव में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने का आरोप है। इस मामले में कोर्ट में याचिका दायर की गई है। हाईकोर्ट ने कालरा के अलावा पिछड़ा वर्ग आयोग, अल्पसंख्यक आयोग के प्रमुख सचिव व कमिश्नर के अलावा एसडीएम के खिलाफ 5000 रुपये का जमानती वारंट जारी किया है। सभी को तीन मार्च तक जमानत कराकर हाईकोर्ट में पेश होना होगा। बता दें, पार्षद कमलेश कालरा वही पार्षद हैं, जिनका पार्षद जीतू यादव जाटव के साथ विवाद हुआ था और उसके बाद भाजपा ने यादव को पार्टी से छह सालों के लिए बाहर निकाल दिया था। फोन पर नगर निगम निगम कर्मचारी को गालियां देने के मामले में कालरा के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया गया है। जांच नहीं होने पर कोर्ट ने जताई नाराजगी याचिकाकर्ता ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र का उपयोग करने पर याचिका लगाई थी। कोर्ट ने छह माह में आयोग व अफसरों को जांच करने के निर्देश दिए थे, लेकिन एक बीतने के बावजूद जांच नहीं हो पाई, इसे लेकर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। हाईकोर्ट में कांग्रेस उम्मीद्वार सुनील यादव की तरफ से याचिका लगाई गई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि प्रमाण पत्र की जांच के लिए जानबूझ कर देरी की जा रही है। इस मामले में अगली सुनवाई तीन मार्च को होगी।