इंदौर के सबसे बड़े सरकारी एमजीएम मेडिकल काॅलेज के डीन पद पर डाॅ. अरविंद घनघोरिया की नियुक्ति हो गई है। आदेश आते ही उन्होंने ताबड़तोड़ पदभार भी ग्रहण कर लिया। वे पहले नीमच में थे और घोषणा के बाद उन्होंने नई जिम्मेदारी लेने में देर नहीं लगाई। दरअसल, इंदौर के इस काॅलेज के डीन पद का मामला कोर्ट तक भी पहुंचा था।
दरअसल, इंदौर में पहले इस पद पर डॉ. संजय दीक्षित डीन थे। वे लंबे समय तक डीन रहे। वे नवंबर में सेवानिवृत्त हो चुके थे। उनके कार्यकाल में पुराने मेडिकल काॅलेज में ही भूतहा पार्टी बड़ी चर्चा में आई थी। डाॅ. दीक्षित के बाद शासन ने डाॅ. अशोक यादव को प्रभारी डीन बनाया था, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद डाॅ. वीपी पांडे डीन बने। इसे लेकर चर्चा भी रही थी। डॉ. पांडे यादव से वरिष्ठ हैं। इस कारण कोर्ट ने उनके पक्ष में आदेश दिया था। कुछ दिनों बाद वे छुट्टी पर चले गए थे। गुरुवार रात शासन ने जैसे ही डीन पद के लिए डाॅ. अरविंद घनघोरिया का नाम घोषित किया। उन्होंने दूसरे दिन सुबह पदभार ग्रहण कर लिया। डाॅ. घनघोरिया पहले भी इंदौर मेडिकल काॅलेज में लंबे समय तक रह चुके हैं। वे फिलहाल नीमच मेडिकल काॅलेज के डीन थे। सुबह उन्होंने पदभार ग्रहण किया तो मेडिकल काॅलेज का स्टाॅफ भी उनसे मिलने पहुंचा। गुलदस्ता देकर उन्होंने नए डीन का स्वागत किया।