भोपाल से आष्टा, इंदौर, महू होते हुए सेना का बैलून गजराज पुणे के लिए रवाना हुआ। यह बैलून 11 दिन में साढ़े सात सौ किलोमीटर का सफर तय करेगा। ढाई सौ किलोमीटर का सफर तय कर यह बैलून भोपाल से महू तक पहुंचा था।
इन दिनों प्रदेश के आसमान में दिख रहा रंग-बिरंगा हाॅट एयर बैलून चर्चा में है। कम ऊंचाई पर उड़ने वाला यह बैलून भारतीय सेना का गजराज है, जो भोपाल से उड़कर बुधवार को महू पहुंचा था। इसने महू से सेंधवा के लिए उड़ान भरी। यह शुक्रवार को सेंधवा पहुंचेगा।
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इस बैलून में सेना के जवान भी सवार हैं। उनके स्वागत के लिए सेंधवा में तैयारी की गई है। सेंधवा में बैलून उतरेगा और शनिवार को फिर वहां के दशहरा मैदान से महाराष्ट्र के धूले के लिए उड़ान भरेगा।
गजराज ने बुधवार को महू के ईएमई सेंटर से उड़ान भरी। भारत माता की जय के नारों के बीच उसे रवाना किया गया। गजराज ने तीन दिन पहले भोपाल से उड़ान भरी थी। वह आष्टा, महू, सेंधवा, धुले औरंगाबाद होते हुए 10 दिसंबर को पुणे के एयर शो में शामिल होगा।
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दे रहा एकता और अखंडता का संदेश
देश की एकता और अखंडता का संदेश लेकर इस बैलून को उड़ाया जा रहा है। 3 लाख 15 हजार क्यूबिक फीट क्षमता वाला यह देश का सबसे बड़ा हॉट एयर बैलून है। यह बैलून 11 दिन में साढ़े सात सौ किलोमीटर का सफर तय करेगा। ढाई सौ किलोमीटर का सफर तय कर यह बैलून भोपाल से महू तक पहुंचा था।
बैलून में 20 लोग हो सकते हैं सवार
इस बैलून में 20 लोग सवार हो सकते हैं। यह बैलून 10 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा के लिए उपयुक्त है। इस बैलून में 40-40 किलो क्षमता के आठ बड़े गैस सिलेंडर लगे हैं। हर एक मिनट में एक किलो गैस खर्च होती है।