सिखवाल ब्राह्मण समाज ने वैवाहिक जीवन के 50 साल पूर्ण करने वाले दंपतियों की फिर से विवाह रस्में कराई। 75,80 साल के बुजुर्ग फिर से घोड़ी चढ़े। उनका बाना निकला और एक बार फिर पुराने यादें ताजा हुई। अखिल भारतीय युवक-युवती निशुल्क परिचय सम्मेलन में रविवार को रवींद्र नाट्यगृह परिसर में यह दृश्य देखने को मिला।
सम्मेलन के दौरान पंद्रह दंपतियों का सम्मान वैवाहिक रस्मों के साथ हुआ। उन्हें बग्घी और घोड़ी पर बैठाकर पारंपरिक बाना निकाला गया, बैंड-बाजों की थाप पर समाजजन नाचे। बाना परिसर में घूमा, फिर उम्रदराज दंपतियों ने मंच पर लाया गया। एक दूसरे को उन्होंने वरमाला पहनाई और पुरानी यादों में खो गए। इस दौरान कुछ की आंखों में खुशी के आंसू भी थे। घराती-बाराती बने उनके परिजनों ने बधाई भी दी।
इसके अलावा समाज का अखिल भारतीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन भी रविवार को संपन्न हुआ।मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र सहित देश-विदेश से लगभग 750 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जिनमें से 150 प्रविष्टियां एक ही दिन में जुड़ीं। सम्मेलन में अब तक 4 विवाह तय हुए जबकि 22 प्रस्तावों पर चर्चा अंतिम चरण में है।
सम्मेलन का शुभारंभ पूर्व मंत्री पी.पी. शर्मा ने किया। अतिथियों ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में समाज को आत्मनिर्भर बनाना हमारी प्राथमिकता है।श्रेष्ठ शिक्षा से ही परिवार और समाज का गौरव बढ़ेगा। इसके लिए सभी सहयोग करे। युवा व बच्चों को संस्कार देने में कोई कमी न रखी जाए।