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भागीरथपुरा जल त्रासदी: दूषित पानी पीने से आज 23वीं मौत, दस्त के 12 नए मरीज मिले, आईसीयू में 13 मरीज भर्ती

Mon, 12 Jan 2026 07:29 AM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

 भागीरथपुरा में अब तक 23 मौतें हो चुकी है।डायरिया के कारण अभी भी आईसीयू में 13 मरीज भर्ती है।  42 मरीजों का भी अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है।  कुल 427 मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया था। जिनमें से 385 डिस्चार्ज हो गए।
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मृतक कमला बाई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंदौर में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार रात को नयापुरा बस्ती में रहने वाली एक महिला ने दम तोड़ दिया। उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया था, हालांकि डाॅक्टरों ने महिला की मौत को दूषित पानी की वजह नहीं माना, क्योंकि वह पहले से दूसरी बीमारियों से पीडि़त थी।सोमवार को भगवानदास पिता तुकाराम भरणे की भी मौत हो गई। वे 10 दिन से निजी अस्पताल में भर्ती थे। वे दूसरी बीमारियों से भी ग्रस्त थे अौर उल्टी दस्त भी भी उन्हें शिकायत हुई थी।

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इसे मिलाकर भागीरथपुरा में मौतों का आंकड़ा 23 हो चुका है। मृतकों में महिलाएं ज्यादा है,जबकि एक नवजात की भी मौत हो चुकी है। दो लोगों के परिजनों को मुआवजा सूची में जोड़ा गया है। उनकी मौत 5 जनवरी के पहले हो चुकी थी। 

रविवार को मृत महिला का नाम 56 वर्षीय कमला बाई है। उसे 1 जनवरी के बाद से उल्टी-दस्त हो रहे थे। क्लिनिक पर डाॅक्टरों को बताने के बावजूद महिला की तबीयत ठीक नहीं होने पर उन्हें 7 जनवरी को एमवाय अस्पताल में भर्ती किया गया था। कमला औरर उसका पति एक माह पहले किराए के मकान में क्षेत्र में रहने आए थे। दोनों मजदूरी करते है। तबीयत खराब होने के बाद उसे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया था। इलाज कर रहे डाॅक्टरों ने बताया कि कमला पहले से ही किडनी की बीमारी से पीडि़त थी। उसे डायलिसिस की सलाह भी दी गई थी, लेकिन परिजनों ने नहीं कराया।

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दस्त के 12 नए मरीज मिले, 4,800 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग

इंदौर में दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण फैले गैस्ट्रोएंटेराइटिस प्रकोप के बीच सोमवार को दस्त से पीड़ित 12 नए मरीज एक स्वास्थ्य केंद्र में सामने आए। अधिकारियों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने इस दौरान 4,827 लोगों की स्क्रीनिंग की। प्रभावित भगीरथपुरा क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में पहुंचे 12 मरीजों में से तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पतालों में रैफर किया गया।
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अधिकारियों ने बताया कि 29 दिसंबर से उल्टी-दस्त की बीमारी फैलने के बाद अब तक 434 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया था, जिनमें से 395 मरीज उपचार के बाद ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। वर्तमान में 39 मरीज अस्पतालों में उपचाराधीन हैं, जिनमें 10 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं। प्रशासन ने भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के सेवन से हुए इस प्रकोप में अब तक सात मौतों की पुष्टि की है, जबकि स्थानीय निवासियों का दावा है कि छह माह के एक शिशु सहित 23 मरीजों की मौत हो चुकी है। अभी भी बस्ती के आयुष्मान क्लिनिक में 24 घंटे डाॅक्टर तैनात रखे गए है और दो एम्बुलैंस बस्ती में खड़ी की गई है।

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