इंदौर के एमआईजी इलाके में बुधवार को 19 वर्षीय स्कूली छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया। पोस्टमार्टम के दौरान छात्रा के हार्ट पर नुकीली वस्तु से वार किए जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी। मामले में पुलिस ने छात्रा के दोस्त अभिषेक, निवासी कुलकर्णी का भट्ठा, को हिरासत में लिया है। पूछताछ में अभिषेक ने छात्रा पर चाकू से वार करने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, छात्रा और अभिषेक के बीच करीब एक महीने से विवाद चल रहा था। घटना के दिन भी दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के साथ छात्रा की बहन कृष्णा और उसके दोस्त निखील से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के बाद मामले को लेकर अलग कहानी क्यों तैयार की गई और इसमें कौन-कौन शामिल था।
विवाद के बाद चाकू से किया वार
एमआईजी पुलिस के मुताबिक मृतका वैष्णवी (19) पुत्री रमेश सेन, जगजीवन राम नगर में अपनी बहन कृष्णा, छोटे भाई और मां के साथ किराए के मकान में रहती थी। उसका परिवार मूल रूप से गंगापुर, राजस्थान का रहने वाला है। वैष्णवी के पिता रमेश सेन की कई साल पहले मौत हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले वैष्णवी की मां और छोटा भाई राजस्थान चले गए थे। इसके बाद घर में वैष्णवी और उसकी बहन कृष्णा ही रह रही थीं। इसी दौरान वैष्णवी और अभिषेक के बीच चल रहा विवाद बढ़ गया। पूछताछ में अभिषेक ने पुलिस को बताया कि उसका वैष्णवी से करीब एक महीने से विवाद चल रहा था। बुधवार को वह वैष्णवी से मिलने उसके पास पहुंचा था। दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद अभिषेक वहां से चला गया। इसके बाद वैष्णवी और उसकी बहन कृष्णा अभिषेक के खिलाफ शिकायत करने के लिए थाने जाने लगीं। पुलिस के मुताबिक, रास्ते में अभिषेक ने दोनों को रोक लिया। इसी दौरान कृष्णा के दोस्त निखील ने मोबाइल फोन पर दोनों से बात की और उन्हें गौरी नगर स्थित अपने फ्लैट पर बुलाया।
गौरी नगर के फ्लैट में फिर हुई कहासुनी
पुलिस के अनुसार, गौरी नगर स्थित फ्लैट पर पहुंचने के बाद एक बार फिर अभिषेक और वैष्णवी के बीच विवाद हुआ। पूछताछ में अभिषेक ने बताया कि उसने वैष्णवी को डराने के इरादे से चाकू से वार किया था। चाकू वैष्णवी के सीने में लगा। वार के बाद वैष्णवी घायल हो गई। घटना के बाद वहां मौजूद लोग घबरा गए। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चाकू से वार की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और घटना के समय फ्लैट में कौन-कौन मौजूद था।
घायल छात्रा को पहले वर्मा अस्पताल ले गए
चाकू लगने के बाद वैष्णवी को बचाने के लिए उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई। पुलिस के मुताबिक, अभिषेक ने वैष्णवी के जख्म पर हल्दी लगाई। इसके बाद तीनों उसे लेकर पहले वर्मा अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद वैष्णवी को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद वैष्णवी को सीएचएल अस्पताल ले जाया गया। वहां अस्पताल की ओर से पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
पुलिस को गुमराह करने के लिए बनाई कहानी
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती दौर में घटना को अलग तरीके से पेश करने की कोशिश की गई थी। कृष्णा और उसके दोस्त निखील ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक कहानी तैयार की थी। हालांकि, बाद में अभिषेक के सरेंडर करने और उससे पूछताछ के बाद घटनाक्रम की अलग तस्वीर सामने आई। पुलिस अब कृष्णा और निखील से भी पूछताछ कर रही है। जांच का एक अहम बिंदु यह है कि घटना के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए कहानी क्यों और किसके कहने पर बनाई गई थी। पुलिस अभिषेक के बयान को अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से मिलाकर पूरे घटनाक्रम की पुष्टि कर रही है।
पोस्टमार्टम में हार्ट पर चोट की जानकारी
छात्रा की मौत के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। इसी दौरान उसके हार्ट पर नुकीली वस्तु से वार किए जाने की बात सामने आई। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और आरोपित के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना में इस्तेमाल चाकू कहां से आया और घटना के बाद उसे लेकर क्या किया गया।
पिता की कई साल पहले हो चुकी है मौत
वैष्णवी के पिता रमेश सेन की कई साल पहले ही मौत हो चुकी है। परिवार मूल रूप से गंगापुर, राजस्थान का रहने वाला है। कुछ दिन पहले उसकी मां और छोटा भाई राजस्थान चले गए थे, जबकि वैष्णवी और उसकी बहन इंदौर में रह रही थीं। फिलहाल अभिषेक से पूछताछ के आधार पर घटना की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है, जबकि कृष्णा और निखील से भी पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि अन्य साक्ष्यों और बयानों के आधार पर घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी।