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Cyber Alert: बस एक मिस्ड कॉल और हैक हो जाएगा आपका मोबाइल, बड़े नेता भी बन चुके हैं शिकार

Mon, 21 Apr 2025 08:29 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore Cyber Crime Alert : एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि हर मोबाइल हैकर्स के निशाने पर है, सिर्फ जागरूकता ही एकमात्र बचाव है। 
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एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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आपके वाट्सएप पर एक मिसकॉल आता है। आप न तो उस फोन को उठाते हैं न ही काटते हैं। बस मिसकॉल आता है और अपने आप कट जाता है। कुछ ही देर के बाद आपका फोन हैक हो जाता है। दुनियाभर के बड़े बड़े नेताओं के साथ इस तरह की साइबर हैकिंग हो चुकी है। यह बातें एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने अमर उजाला से विशेष साक्षात्कार के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि इस तरह की हैकिंग के लिए आज साइबर अपराधी करोड़ों रुपए की तकनीकें खरीद रहे हैं। वे लगातार खुद को अपडेट कर रहे हैं और हर मोबाइल उनके निशाने पर है। इंदौर क्राइम ब्रांच के प्रमुख राजेश दंडोतिया ने अपने इस साक्षात्कार में साइबर हैकिंग से जुड़ी तमाम जरूरी जानकारियां दी और कहा कि सिर्फ जागरूकता ही एकमात्र उपाय है जो आपको सुरक्षित रख सकता है। 
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1. साइबर हैकिंग क्यों तेजी से बढ़ रही है
साइबर हैकिंग दुनियाभर में बढ़ रही है। सभी अपराधों में साइबर अपराध सबसे अधिक होते हैं और साइबर अपराधी लगातार खुद को अपडेट कर रहे हैं। नई नई तकनीकें आ रही हैं और बड़ी संख्या में युवा भी साइबर अपराध में शामिल हो रहे हैं। आज हर किसी के पास मोबाइल है और अधिकांश लोग इसका सही उपयोग करना नहीं जानते। इन्हीं वजह से यह अपराध बढ़ते जा रहे हैं। 

2. लोग क्यों साइबर अपराधियों के चंगुल में फंस जाते हैं
डर, लालच, अज्ञानता और वासना। यह चार चीजें इंसान को साइबर अपराधियों के चंगुल में फंसाती हैं। 

3. किस किस तरह के साइबर अपराध हो रहे हैं
नौकरी दिलाने, शादी करवाने, पैसा दोगुना करने, दोस्ती करने, लाइव चैटिंग करने, रिश्तेदारों के नाम से फर्जी फोन आने, बच्चों-रिश्तेदारों की गिरफ्तारी का डर दिखाने, घर पर पुलिस-सीबीआई-ईडी के अधिकारी बनकर छापा मारने का डर दिखाने, डिजिटल अरेस्ट करने के मामले सबसे अधिक आ रहे हैं। 
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4. साइबर अपराधियों का शिकार बनने पर सबसे पहले क्या करें
सबसे पहले 1930 पर फोन करके अपनी शिकायत दर्ज करें। यह नेशनल साइबर हेल्पलाइन है। आप जितनी जल्दी फोन करेंगे उतनी ही जल्दी आपका पैसा वापस मिलने की संभावना बनी रहेगी। 

5. क्या बिना ओटीपी दिए भी मोबाइल हैक हो सकता है
यदि आप किसी भी फर्जी वेबसाइट पर जाकर विजिट करते हैं और किसी गलत लिंक पर क्लिक करते हैं तो आप शिकार बन सकते हैं। गलत लिंक पर क्लिक करते ही आपके मोबाइल में एक एपीके फाइल डाउनलोड हो जाती है और फिर आपके मोबाइल का कंट्रोल साइबर अपराधियों के पास चला जाता है। 
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यह ध्यान रखें
साइबर हैकिंग का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर फोन करें या फिर https://cybercrime.gov.in/ पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। 
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