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Indore: सायकिल लेकर घुस गए थे राजवाड़ा के भीतर पूर्व सांसद कल्याण जैन

Thu, 13 Jul 2023 12:29 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग कहते है कि कल्याण जैन मध्य प्रदेश की राजनीतिक विरासत थे, लेकिन उन्हें जैैसा सम्मान मिलना चाहिए था, वैसा नहीं मिला। वे जिस पीढ़ी के नेता थे और जो उनके आदर्श थे, वे अब राजनीति में नजर नहीं आते।
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पूर्व सांसद कल्याण जैन का निधन। - फोटो : amar ujala digital
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विस्तार
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इंदौर के पूर्व सांसद कल्याण जैन का गुरुवार को निधन हो गय । वे लंबे समय से बीमार थे। जैन की अंत्येष्ठी गुरुवार शाम को पंचकुईया मुक्तीधाम में होगी। उनके निधन पर शहर के अनेक सामाजिक, राजनीतिक संगठनों ने शोक व्यक्त किया है।

जैन की गिनती ईमानदार और जुझारू नेता केे रुप में होती थी। उन्होंने कई आंदोलन किए और जेल भी गए। उनका एक आंदोलन बड़ा चर्चित हुआ था। तब वे सायकिल लेकर राजवाड़ा के भीतर घुस गए थेे।

आजादी के बाद राजवाड़ा के भीतर कुछ सरकारी दफ्तर संचालित होते थे, लेकिन तब सायकिल चलाकर राजवाड़ा के भीतर नहीं घुस सकते थे। दरअसल होलकरशासन काल के समय यह प्रतिबंध लगा था, जो आजादी के बाद भी जारी था। इस सांमती सोच केे खिलाफ कल्याण जैन ने आंदोलन छेड़ा और सैकड़ों कार्यकर्ताअेां के साथ वे सायकिल पर सवार होकर राजवाडा के भीतर घुस गए थेे। कल्याण जैन के मित्र निशिकांत गुप्ते बताते है कि वे जिंदादिल व्यकि्त थे। वेे केंद्र की राजनीतिक में सक्रिय थे, लेकिन शहर से भी बड़ा प्रेम करते थे। उन्होंने हाथ ठेला चलाने वालों के लिए भी आंदोलन किए।

राजनीतिक विरासत थे जैन

वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग कहते है कि कल्याण जैन मध्य प्रदेश की राजनीतिक विरासत थे, लेकिन उन्हें जैैसा सम्मान मिलना चाहिए था, वैसा नहीं मिला। वे जिस पीढ़ी के नेता थे और जो उनके आदर्श थे, वे अब राजनीति में नजर नहीं आते। आपातकाल के समय जब हम दिल्ली में इंडियन एक्सप्रेस के दफ्तर के नीचे आंदोलन करते थे, तब वे हमसे मिलने वहां आते थे। उनके जैसे राजनीतिज्ञ की कभी खलेगी।

विचारधारा को कभी नहीं छोड़ा

भाजपा नेता सत्यनारायण सत्तन कहते है कि अब तो देश में आयाराम गयाराम की राजनीति महत्व रखती है। पूर्व सांसद कल्याण जैन को कई राजनीतिक दलों के आफर आए, लेकिन उन्होंने समाजवादी पार्टी को कभी नहीं छोड़ा। वे विचारधारा को सर्वोपरी मानते थे। उन्होंने अंग्रेजी भाषा के खिलाफ आंदोलन छेेड़ा था। तब मैं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में था, लेकिन उनके आंदोलन से जुड़ा था।

 

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