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Indore News: ग्रीन बेल्ट में पहले सीवरेज लाइन के लिए काटे प़ेड़, अब ब्रिज के लिए फिर चली कुल्हाड़ी

Sun, 05 Mar 2023 04:53 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

ब्रिज का निर्माण रिंग रोड के ग्रीन बेल्ट वाले हिस्से में होगा। ऐसे में उसके लिए खजराना चौराहे के आसपास सैकड़ों पेड़ काटे जा रहे है, जो वर्षों की देखभाल के बाद हरे भरे हो चुके थे।

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ब्रिज के लिए रिंग रोड पर पेड़ काटे जा रहे है। - फोटो : amar ujala digital
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विस्तार
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इंदौर में हरियाली वैसे ही हाशिए पर है। मास्टर प्लान में ग्रीन बेल्ट14 प्रतिशत तय है, लेकिन जमीन पर देखे तो 10 प्रतिशत भी हरियाली नहीं है। बरसों से जिन सड़कों को पेड़ लगाकर हरा भरा किया गया, उन्हें भी अब विकास के नाम पर उजाड़ा जा रहा है।

वर्ष 2000 में रिंग रोड के ग्रीन बेल्ट में वृक्षारोपण किया गया था। जिसका नजीता यह है कि 23 साल बाद रिंग रोड शहर के बड़े मार्गों में सबसे हरा भरा है, लेकिन अब उसकी हरियाली को नजर लग गई है। खजराना चौराहे के आसपास ब्रिज निर्माण की तैयारी हो रही है। ब्रिज करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा। ब्रिज का निर्माण रिंग रोड के ग्रीन बेल्ट वाले हिस्से में होगा। ऐसे में उसके लिए खजराना चौराहे के आसपास सैकड़ों पेड़ काटे जा रहे है, जो वर्षों की देखभाल के बाद हरे भरे हो चुके थे। 10 साल पहले जब रिंग रोड पर सीवरेज लाइन बिछाने की बारी आई थी, तब भी अफसरों को ग्रीन बेल्ट ही नजर आया था। तब भी सैकड़ों पेड़ काटे गए थे। सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी का कहना है कि सुनियोजित विकास के अभाव में अफसर पैसे की बर्बादी कर रहे है। पहले सीवरेज लाइन बिछाई गई और अब उसे शिफ्ट करने में फिर जनता के पसीने की कमाई की बर्बादी की जाएगी।

लाइन हटाने के लिए तीन करोड़ खर्च

खजराना चौराहे के आसपास सीवरेज लाइन व नर्मदा लाइन ब्रिज की राह मे बाधक बनी है। यह लाइन 12 साल पहले रिंग रोड पर बिछाई गई थी। तब भी उसके लिए ग्रीन बेल्ट को चुना गया था। अब उसे हटाने में तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए नगर निगम ने टेंडर जारी किए है। इस काम को एमआईसी ने मंजूरी दी है।

ब्रिज निर्माण शुरू होने में लग जाएगा सालभर

खजराना चौराहे पर ब्रिज का ठेका इंदौर विकास प्राधिकरण दे चुका है, लेकिन सीवरेज, नर्मदा लाइन शिफ्ट करने के काम की समयावधि नगर निगम ने छह माह तय की है। इसमें वर्षाकाल भी शामिल हैै। छह से आठ माह तो लाइन शिफ्ट करने में लग जाएंगे। उसके बाद ब्रिज निर्माण का काम शुरू हो पाएगा। इस मामले में जलकार्य समिति प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू का कहना है कि लाइन शिफि्टंग का काम हम तय समयसीमा में कर लेंगे, ताकि ब्रिज निर्माण का प्रोजेक्ट प्रभावित न हो।   

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