फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Election History: 1957 में मंडला से निर्विरोध जीता कांग्रेस प्रत्याशी, 1996 में रीवा में सर्वाधिक प्रत्याशी

सार

प्रदेश में 1957 से 2019 तक लोकसभा क्षेत्रों के लिए खड़े होने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम और अधिकतम संख्या देखें तो रोचक जानकारी मिलती है। 1957 से अभी तक सबसे कम मात्र एक उम्मीदवार मंडला से खड़ा हुआ था और यह कांग्रेस प्रत्याशी निर्विरोध चुन लिया गया था। 
विज्ञापन
मध्यप्रदेश लोकसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रदेश में लोकसभा चुनाव 2024 के पहले चरण के लिए नामांकन के बाद नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी हो गई है। पहले चरण की छह लोकसभा सीटों के लिए अब 88 उम्मीदवार मैदान में है। प्रदेश की 29 सीटों के लिए कितने उम्मीदवार अपना भाग्य आजमाएंगे, यह तो सभी सीटों की नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पता चलेगा। अतीत को देखें तो 1996 के चुनाव में औसत प्रत्याशी संख्या 31 रहीं, जबकि सबसे कम औसत प्रत्याशी संख्या 1957 में चार रही थी। 
विज्ञापन


प्रदेश में 1957 से 2019 तक लोकसभा क्षेत्रों के लिए खड़े होने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम और अधिकतम संख्या देखें तो रोचक जानकारी मिलती है। 1957 से अभी तक सबसे कम मात्र एक उम्मीदवार मंडला से खड़ा हुआ था और यह कांग्रेस प्रत्याशी निर्विरोध चुन लिया गया था। प्रदेश में 1957, 1962 और 1977 में प्रत्याशियों की औसत संख्या चार रही थी, जो अभी तक की सबसे कम है। इसी तरह किसी एक सीट पर अधिकतम उम्मीदवारों की संख्या 1996 में रीवा में 76 रही थी, जो अभी तक का एक रिकॉर्ड है। 1996 में प्रदेश में कुल 1173 उम्मीदवार खड़े हुए थे, जो अभी तक के सर्वाधिक उम्मीदवार का रिकॉर्ड है। इस चुनाव में रीवा से बसपा को विजय हासिल हुई थी। रीवा के बाद 1989 में भोपाल से 39 उम्मीदवार और 1991 में ग्वालियर से 38 उम्मीदवार खड़े होने का भी एक रिकॉर्ड है। वैसे प्रदेश में प्रति सीट न्यूनतम उम्मीदवार आठ रहे हैं, जो 2009 में थे। वैसे प्रदेश में न्यूनतम उम्मीदवारों की संख्या औसत पांच या छह उम्मीदवार रही है।
 
जहां कम प्रत्याशी, वहां कांग्रेस जीती
प्रदेश में अभी तक संपन्न लोकसभा चुनावों में जिस सीट पर न्यूनतम उम्मीदवार खड़े हुए उस सीट पर कांग्रेस को विजय मिली है। पिछले 16 चुनावों में से 11 में कांग्रेस विजयी रही है। 2014 और 2019 में यह मिथक टूट गया और लगातार भाजपा को विजय प्राप्त हुई है। अधिक उम्मीदवारों वाली सीटों को देखें तो 16 में से 9 बार कांग्रेस और 5 बार भाजपा विजयी रही है। 2024 में उम्मीदवारों का गणित और आंकड़े क्या बताएंगे, यह तो 4 जून को चुनाव परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा।
विज्ञापन


प्रदेश में औसत, न्यूनतम और अधिकतम उम्मीदवार       
चुनाव वर्ष औसत      न्यूनतम       अधिकतम
1957             4 1 10
1961            4 9
1967 5 2 8
1971 5 2 11
1977             4 2 10
1980 9 4 24
1984 10 3 25
1989 12 3 39
1991             17 5 38
1996             31 7 76
1998             10 3 17
1989 9 3 15
2004             10 5 27
2009             14 8 28
2014             13 6 28
2019  15 6 30
     
विज्ञापन



 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें