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Indore News: दिलजीत ने कहा टिकट ब्लैक हुए तो मेरा क्या कसूर, कड़ी पुलिस व्यवस्था में हुआ कन्सर्ट

Mon, 09 Dec 2024 01:16 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: हिन्दू संगठनों ने कहा कि शराब और मांस परोसने वाले आयोजन नहीं होने देंगे, नशा मुक्त शहर बनाएंगे। पुलिस ने कार्यक्रम स्थल से सोशल मीडिया पोस्ट करने पर बैन लगाया। 
 
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विरोध में बैठे बजरंग दल के कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
इंदौर में अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ के कंसर्ट को लेकर रविवार को भी भारी विरोध हुआ। विरोध प्रदर्शन के बीच कड़ी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था में शाम को 7 बजे शो शुरू हो गया। ट्रैफिक जाम के बीच पुलिस ने सभी रास्तों पर कड़ी जांच की ताकि शो को किसी तरह का नुकसान न पहुंचाया जा सके। दिलजीत के स्टेज पर आते ही युवाओं ने उनका स्वागत किया। दिलजीत ने जय महाकाल के नारे लगाए और कहा कि इंदौर ने मेरा दिल जीत लिया। उन्होंने राहत इंदौरी का शेर सुनाते हुए कहा कि सुना है मेरे शो पर टिकट ब्लैक करने के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कलाकार का क्या दोष है। यदि दस रुपए का टिकट खरीदकर कोई उसे सौ रुपए में बेच देगा तो कलाकार क्या करेगा। 
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दिलजीत ने जीता इंदौर का दिल। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
दिलजीत ने कहा- मेरी टिकटें ब्लैक हो रही तो मेरा क्या कसूर
कंसर्ट खत्म होने के बाद दिलजीत दोसांझ ने X पर एक वीडियो शेयर किया। इसमें कहा मेरे खिलाफ चल रहा है कि मेरी टिकटें ब्लैक हो रही हैं। तो भाई मेरा कसूर थोड़ी है कि टिकटें ब्लैक हो रही हैं। अगर आप 10 रुपए की टिकट लेकर 100 रुपए में बेच दो तो उसमें कलाकार का क्या कसूर है।

दिलजीत ने कहा- मुझे राहत इंदौरी जी का शेर याद आ गया।
मेरे हुजरे में नहीं और कहीं पर रख दो
आसमाँ लाए हो ले आओ ज़मीं पर रख दो
अब कहां ढूंढने जाओगे हमारे कातिल
आप तो कत्ल का इल्जाम हमीं पर रख दो

कलेक्टर कार्यालय पर बजरंग दल ने दिया धरना
बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ता इस कंसर्ट को भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताते हुए इसे रोकने की मांग कर रहे हैं। इन संगठनों का आरोप है कि यह कार्यक्रम नशा, अश्लीलता और मांसाहार को बढ़ावा देता है, जो इंदौर की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं के विपरीत है। रविवार सुबह 11.30 बजे बजंरग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर सड़क पर धरना दिया। उन्होंने नशे को प्रोत्साहित करने वाले कार्यक्रम को तत्काल रोकने की मांग की। आज शाम को इंदौर के बाइपास स्थित C21 एस्टेट ग्राउंड पर यह कंसर्ट हो रहा है।  

अहिल्या बाई होल्कर की जयंती पर यह कार्यक्रम उचित नहीं
इधर, पूर्व मंत्री उषा ठाकुर और भाजपा विधायक गोलू शुक्ला ने कंसर्ट को लेकर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों को अनुमति नहीं दी जाए। उषा ठाकुर का कहना है कि मां अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर ऐसा आयोजन शहर की सांस्कृतिक और धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ है। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर शराब और मांस के स्टॉल लगाए जाने का भी विरोध किया, जो उनके अनुसार भारतीय परंपराओं के खिलाफ है। हालांकि, प्रशासन ने इन स्टॉल्स को बाद में हटा दिया। विरोधियों ने यह भी दावा किया कि इस तरह के कार्यक्रमों से समाज में नशे और अश्लीलता को बढ़ावा मिलता है, जो युवा पीढ़ी पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। 

कंसर्ट स्थल से सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिबंध
कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल के साथ-साथ आयोजन समिति के लगभग 1,000 वॉलंटियर तैनात हैं। स्थल पर चार गेट बनाए गए हैं और हर गेट पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। वाहनों की जांच के लिए एक किलोमीटर पहले से बैरिकेड्स लगाए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिना पास के किसी को भी अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। साथ ही, सोशल मीडिया पर कंसर्ट स्थल से कोई भी पोस्ट करने पर रोक लगा दी गई है। विरोध प्रदर्शन के बावजूद कंसर्ट स्थल पर तैयारियां पूरी की गई हैं। बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और शराब व मांसाहार के स्टॉलों की जांच की। एडिशनल डीसीपी के साथ कार्यकर्ताओं की बहस भी हुई, जिसमें कार्यकर्ताओं ने स्थल के अंदर निरीक्षण की अनुमति मांगी। इसके बाद कुछ एडवोकेट्स को अंदर जाने दिया गया। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि उन्हें कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित रहने की अनुमति दी जाए, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना पर नजर रखी जा सके।

56 पहुंचे दिलजीत, जीता इंदौरियों का दिल
दूसरी ओर, दिलजीत दोसांझ ने कार्यक्रम से पहले इंदौर की मशहूर 56 दुकान पर पहुंचकर पोहा और जलेबी का आनंद लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों का अभिवादन किया और साइकिलिंग का समर्थन करते हुए स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने एक महिला साइकिलिस्ट को अपने शो में आने का निमंत्रण भी दिया। विरोध प्रदर्शन, प्रशासनिक तैयारियों और स्थानीय संस्कृति के मुद्दों के बीच यह देखना होगा कि दिलजीत दोसांझ का कंसर्ट किस प्रकार संपन्न होता है। यह घटना न केवल आधुनिक और पारंपरिक विचारों के टकराव को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि सांस्कृतिक पहचान और आधुनिक मनोरंजन के बीच संतुलन बनाए रखना कितना आवश्यक है।

ट्रैफिक जाम में परेशान हुए लोग
पुलिस और प्रशासन की पूरी व्यवस्था के बावजूद शो शुरू होने से पहले एक घंटे जबरदस्त ट्रैफिक जाम रहा। बायपास से आने जाने वाले लोग खासे परेशान हुए। विजय नगर, देवास नाका, बंगाली चौराहा और खजराना चौराहे तक जाम देखा गया। शो शुरू होने के बाद जाम खुला। 
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