पत्रकारवार्ता मेें दिग्विजय सिंह
- फोटो : amar ujala
मध्यप्रदेश में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कांग्रेस के कुछ विधायकों को तोड़ने की आशंका पार्टी के नेताओं को सताने लगी है। इसे ऑपरेशन लोटस 2.0 कहा जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के बड़े नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि इंदौर के उद्योगपति जयेश शाह से मिले थे। उन्होंने कुछ विधायकों की जोड़-तोड़ की पेशकश भी की है। हमारे संपर्क में भी सब रहते हैं, लेकिन जो हमारे पास टिकाऊ थे, टिक गए। जो बिकाऊ थे, बिक गए। जिन लोगों ने प्रदेश को लूटा है, वे लोग लूट का माल इसी तरह के कामों पर खर्च कर रहे हैं।
दिग्विजय सिंह भारत जोड़ो यात्रा की जानकारी देने मंगलवार सुबह मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल आरएसएस के कांग्रेस मुक्त भारत के अभियान का एक हिस्सा है। यह भाजपा की बी टीम है। सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस के वोट काटने का काम करती है। गुजरात में भी आम आदमी पार्टी यही काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आरएसएस एक अपंजीकृत संस्था है। आरएसएस के पदाधिकारी बताए कि फिर गुरुदक्षिणा कहां जमा होती है? कुछ समय पहले आरएसएस ने ट्विटर पर कहा था कि कोविड काल में 7 करोड़ रुपये की मदद की। जब संस्था ही अपंजीकृत है तो फिर इतनी धनराशि एकत्र करना मनी लांडरिंग है। इसके बाद भी ईडी कभी आरएसएस के दफ्तर पर छापा नहीं मार सकती।
कैलाश विजयवर्गीय की मदद करने पर नाराज रहते थे साथी नेता
दिग्विजय सिंह ने कहा कि जब वे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तो निष्पक्ष भाव से काम करते थे। तब इंदौर के महापौर कैलाश विजयवर्गीय थे। उनकी मैं खूब मदद करता था। इससे हमारी पार्टी के ही कुछ नेता नाराज रहते थे। अब देश और प्रदेश में भाजपा सरकार बदले की भावना से राजनीति करती है। डराने के लिए सरकारी एजेंसियों की मदद ली जा रही है। हमारी पार्टी के लोगों पर बेवजह केस दर्ज किए जा रहे हैं।