सरस्वती लोक का निर्माण भी शुरू नहीं
हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद पहली बार जब मुख्यमंत्री मोहन यादव धार गए थे तो उन्होंने भोजशाला को सरस्वती लोक बनाने की घोषणा की थी। बाद में कैबिनेट बैठक में सरस्वती लोक की मंजूरी दी गई, लेकिन निर्माण शुरू नहीं हो पाया। इस बीच मुस्लिम पक्ष की तरफ से तीन याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में लग गईं और फिर सुनवाई शुरू हो गई। सरस्वती लोक का निर्माण शुरू नहीं होने के कारण भी हिंदू संगठन नाराज़ है। वे चाहते थे कि लोक का निर्माण शुरू हो और भोजशाला परिसर में जो अतिक्रमण है, उस पर फैसला लिया जाए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने एएसआई को निर्देश दिए कि भोजशाला एएसआई के स्वामित्व की भूमि है। वहां किसी भी तरह का निर्माण अनुमति के बगैर नहीं होना चाहिए।