इंदौर और आसपास के जिलों में हाल की के वर्षों में कई बस हादसे हुए हैं। इंदौर से आने जाने वाली बसों की कई बार शिकायतें हो चुकी हैं। ड्राइवर तेज गति से बसें चलाते हैं और अधिकतर बसें ओवरलोड रहती हैं। कई शिकायतों के बाद भी बस संचालकों की यह मनमानी कई सवाल खड़े करती है। अधिकतर बसें नेताओं या नेताओं के खास लोगों की हैं और आरटीओ अधिकारी भी हस्तक्षेप करने से बचते हैं। नेताओं और अधिकारियों की इसी सांठगांठ की वजह से लगातार आम लोगों की जान जा रही है। इंदौर से आने जाने वाले रास्तों पर यदि किसी भी दिन रेंडम चेकिंग की जाए तो लगातार कई बसें निकलती हैं जो यात्रियों को ठसाठस भरकर चलती हैं। इंदौर की सीमा से बाहर जाते ही इनकी गति भी अनियंत्रित हो जाती है।