15 अगस्त को AICC वंदे मातरम के गायन के दौरान कांग्रेस नेताओं द्वारा कथित तौर पर व्यवधान किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इसके विरोध में रविवार को बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इंदौर में कैंडल मार्च निकाला। मार्च गांधी हॉल से शुरू होकर महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंचा।
इस दौरान बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता हाथों में मोमबत्तियां लेकर वंदे मातरम और राष्ट्रभक्ति के नारे लगाते हुए आगे बढ़े। कैंडल मार्च में प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल हुए। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कभी देश और वंदे मातरम का सम्मान नहीं किया। विजयवर्गीय ने कहा कि वंदे मातरम कोई सामान्य गीत नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति का मंत्र है। उन्होंने कहा कि जब देश अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम लड़ रहा था, तब हमारे युवा वंदे मातरम का नारा लगाकर अपने भीतर जोश और ऊर्जा पैदा करते थे। उन्होंने वंदे मातरम को भारत माता की प्रार्थना बताते हुए कहा कि देश के लिए इसका विशेष महत्व है।
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कांग्रेस से माफी मांगने की मांग
कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया कि वंदे मातरम के दौरान कथित तौर पर व्यवधान उत्पन्न किया गया, जिससे कांग्रेस के राष्ट्रप्रेम पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब इस मामले को बचाने का प्रयास कर रही है, लेकिन देश की जनता सब देख रही है। विजयवर्गीय ने कांग्रेस से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस में देश के प्रति सम्मान है तो उसे इस मामले में देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए वंदे मातरम और राष्ट्रप्रेम के महत्व को समझने की बात कही। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च के दौरान वंदे मातरम के सम्मान और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। इस मुद्दे को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।