इंदौर तक इस हालत में पहुंची वृद्धा
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आखिर ऐसा कदम क्यों उठाना पड़ा?
बार-बार शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं होने से तंग आकर मंगलवार को 80 वर्षीय अनीश फातिमा इंदौर कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। उनकी पीड़ा का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि उन्हें एंबुलेंस से अपनी शिकायत लेकर जनसुनवाई में आना पड़ा। उनकी नाक में नली डली थी। वे ठीक से बोल नहीं पा रही थीं, पर उनकी लड़खड़ाती जबान पर उनका दर्द साफ समझा जा सकता था। इधर, जब इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने बुजुर्ग महिला को एंबुलेंस से कार्यालय पहुंचते देखा, तो उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाकर उनकी समस्या के बारे में जानकारी ली। साथ ही परिजनों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायत का जल्द निराकरण किया जाएगा।
तय किया एक हजार किलोमीटर का सफर
वृद्ध महिला की बेटी व दामाद को जब पता चला कि शिकायत पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो वे एक हजार किलोमीटर का सफर एम्बुलेंस में तय कर पहुंचे और परिजनों ने जनसुनवाई में शिकायत की। परिजनों का कहना है कि बात सिर्फ प्लॉट की नहीं, उनके पति की निशानी की है। बात इंसाफ की है। परिजन और वकीलों ने बताया कि महिला के भतीजे व अन्य रिश्तेदारों ने फर्जी कागजात तैयार कर प्लॉट पर कब्जा कर लिया। इसके लिए उन्होंने गांधी नगर सोसायटी के कुछ पदाधिकारियों की मदद भी ली। इसके बाद प्लॉट पर कब्जा कर लिया।
आठ साल से नहीं हो रही सुनवाई
प्लॉट पर आठ साल से कब्जा है, जबकि अनीश फातिमा के नाम प्लॉट की रजिस्ट्री भी है और उनके नाम नामांतरण भी है। कई बार इस मामले में शिकायत की, लेकिन नतीजा नहीं निकला। इसके बाद बीमार अवस्था में ही इंदौर लाने का फैसला लिया गया। कलेक्टर ने दस्तावेजों की जांच कर कार्रवाई करने का फैसला लिया है।