अगर आपका मकान आवासीय है और आप व्यावसायिक उपयोग कर रहे हैं तो सावधान हो जाइये। आपको एक या दो नहीं बल्कि पांच गुना पैनल्टी भरना पड़ेगी। नगर निगम इसके लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। खाली प्लॉटों के मामले में भी अब सख्त रवैया अपनाया जा रहा है।
दरअसल, निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने संपत्तिकर वसूली को लेकर निगम राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने सभी सहायक राजस्व अधिकारी को निर्देश दिए कि जिन खाली प्लॉटों का टैक्स जमा नहीं हो रहा है। उनकी जब्ती की जाए और वहां पर निगम द्वारा कुर्की करने का बोर्ड भी लगाया जाए। इसके साथ ही ऐसे बकायादार जिन्हें बार-बार नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन उनके द्वारा टैक्स नहीं जमा करवाया गया है, उनकी सूची बनाकर उनसे वसूली के लिए भी निर्देश जारी किए गए।
निगम ने करवाया था जीआईएस सर्वे
इधर नगर निगम द्वारा शहर की संपत्तियों की सही जानकारी निकालने के लिए सभी संपंत्तियों जीआइएस सर्वे करवाया गया था। इसमें कई ऐसी संपतियां पाई गई हैं जो निगम के रिकॉर्ड में आवासीय दर्ज हैं लेकिन उनका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा कई संपत्तिधारकों का क्षेत्रफल भी अधिक है लेकिन वे कम संपत्तिकर जमा कर रहे हैं। वहीं कुछ ने संपत्तिकर का खाता ही नहीं खुलवाया है। ऐसे संपत्तिधारकों के खिलाफ नगर निगम अभियान चलाएगा और इनसे टैक्स जमा करवाने व टैक्स के अंतर की राशि की पांच गुना पेनल्टी भी इन पर लगाई जाएगी। बैठक में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों का सम्मान भी किया गया।