सुल्ली डील्स ऐप के मामले में इंदौर से गिरफ्तार किए आरोपी ओंकारेश्वर ठाकुर के मामले में उसके पड़ोस में रहने वाली मुस्लिम महिला ने कहा है कि वह ऐसा काम नहीं कर सकता। वह अच्छा लड़का है। उसे बेवजह फंसाया जा रहा है।
दरअसल दिल्ली पुलिस ने इंदौर की न्यूयॉर्क सिटी से ओंकारेश्वर ठाकुर को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि वह सुल्ली डील्स ऐप का मास्टरमाइंड है। दिल्ली पुलिस आरोपी को दिल्ली लेकर गई है। वहां उससे पूछताछ की जा रही है। इस बीच ओंकारेश्वर ठाकुर के पिता अखिलेश ठाकुर ने कहा था कि उसके बेटे को झूठा फंसाया जा रहा है। उसने कोई गलत नहीं किया है। अखिलेश ठाकुर ने बताया था कि मुताबिक उनका बेटा आईटी एक्सपर्ट है। उसने आईपीएस कॉलेज से बीसीए किया है। दिल्ली पुलिस के अफसरों ने बताया कि उनके बेटे का नाम बुल्ली बाई ऐप केस में पकड़ाए आरोपियों ने नाम लिया है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि ओंकारेश्वर ठाकुर नाम का युवक है जो ब्लॉग वगैरह बनाता है। इसके बाद पुलिसवाले यहां आए थे और उसे लेकर गए हैं। उसका मोबाइल और लैपटॉप भी ले गए हैं। केवल किसी के बोलने के आधार पर उसे ले जाया गया है।
अखिलेश के अनुसार दिल्ली सायबर सेल के दो अधिकारी सादी वर्दी में शनिवार दोपहर दो बजे आए थे। उन्होंने पहले पूछा कि ओंकारेश्वर ठाकुर यहीं रहता है। इसके बाद पुलिस टीम ओंकारेश्वर के कमरे में गई। वह लोग उससे मिले और उसे अपने साथ लेकर चले गए। ओंकारेश्वर के पिता अखिलेश का कहना था कि दिल्ली पुलिस की टीम जब यहां पहुंची थी तो बेटे ने कहा था कि मैं अगर गलत हूं तो मुझे फांसी पर लटका देना। दिल्ली पुलिस की टीम के साथ वह चला गया है। पुलिस की टीम जब घर पहुंची थी तो मैं घर पर नहीं था। ऑफिशियल कार्य से नागदा गया था। ओंकारेश्वर का परिवार पिछले तीन दशक से इंदौर में रहा है। उसके पिता एक निजी कंपनी में कार्यरत है। मूल रूप से यह परिवार बिहार के दरभंगा का रहने वाला है। ओंकारेश्वर ठाकुर ऐप डेवलपिंग का काम करता था। उसका छोटा भाई टीसीएस में नौकरी करता है।
धीरे-धीरे खुले राज और पकड़ाया आरोपी
कहा जा रहा है कि सुल्ली डील्स ऐप मामले में पहली गिरफ्तारी हुई है, लेकिन आरोपी तक पहुंचना इतना आसान नहीं था। अमेरिका में स्थित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ने पुलिस को डिटेल शेयर करने से मना कर दिया था। महीनों तक आरोपी खुद को दुनिया से छिपाए मध्यप्रदेश के एक शहर में आराम से रहा। बाद में धीरे-धीरे राज खुले और दिल्ली पुलिस ने उसे पकड़ा। पुलिस का कहना है कि ओंकारेश्वर ठाकुर एक वेब डेवलपर है। उसके 7-8 ट्विटर हैंडल थे और वह ट्विटर पर एक समूह का हिस्सा था, जिसके 8-12 सदस्य थे। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह ट्विटर पर उस समूह का सदस्य है, जिसमें मुस्लिम महिलाओं को बदनाम करने और ट्रोल के लिए विचारों को साझा किया जाता है। सुल्ली डील्स को पिछले साल जुलाई में गिटहब (GitHub) पर रिलीज किया गया था। कई मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों को बिना उनकी मंजूरी के इस मोबाइल एप्लीकेशन पर नीलामी के लिए डाला गया।
पड़ोसी महिला ने कहा-वह ऐसा नहीं कर सकता
ओंकारेश्वर के परिवारजनों के अलावा उसके पड़ोसी भी इस कार्रवाई से हैरान हैं। उसके घर के सामने रहने वाली एक मुस्लिम महिला शबनम का कहना था कि ओंकारेश्वर इस तरह की हरकत नहीं कर सकता। उसे बेवजह फंसाया जा रहा है। फिर वह ऐसा गंदा ऐप क्यों डिजाइन करेगा। आसपास रहने वाले अन्य लोगों ने भी ओंकारेश्वर को लेकर किसी तरह की कोई गलत प्रतिक्रिया नहीं दी। इधर कहा जा रहा है कि बुली बाई ऐप का मास्टरमाइंड नीरज विश्नोई ट्विटर के जरिए सुल्ली डील्स के ओंकारेश्वर ठाकुर के संपर्क में आया। लगातार उसके संपर्क में था। नीरज ऑनलाइन गेमिंग का भी शौकीन है।