ओंकारेश्वर में अतिक्रमण कार्रवाई की गई।
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खंडवा जिले की तीर्थनगरी ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में शनिवार को फिर अवैध निर्माण बुलडोजर और जेसीबी की मदद से तोड़ दिए गए। स्थानीय प्रशासन ने कई मकानों, दुकानों और होटलों के अवैध निर्माण जमींदोज कर दिए। इस दौरान भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमले की मौजूदगी रही, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
अतिक्रमण के खिलाफ यह कार्रवाई विशेष रूप से ओंकारेश्वर बांध की ओर जाने वाले मार्ग पर की गई। यहां वर्षों से बसे लोगों के निर्माण को अतिक्रमण मानते हुए हटाया गया। नगर परिषद की मुख्य कार्यपालन अधिकारी मोनिका पारधी ने खंडवा जिला प्रशासन के निर्देशों के बाद पूरे अमले के साथ यह अभियान चलाया। यह कार्रवाई सिंहस्थ 2028 को देखते हुए की गई।
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रहवासियों में आक्रोश
कार्रवाई के दौरान स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ब्रह्मपुरी क्षेत्र के निवासी अरुण वर्मा, कमल वर्मा समेत अनेक लोगों ने कहा कि वे पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं। एक दिन पहले नोटिस देकर हमारे मकान, दुकान और होटल तोड़ दिए गए। अब हम जाएं तो कहां जाएं। लोगों का कहना है कि इस कार्रवाई ने न केवल उनका आशियाना छीन लिया, बल्कि आजीविका के साधन भी खत्म कर दिए।
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि : सीएमओ
ओंकारेश्वर नगर परिषद की सीएमओ मोनिका पारधी ने बताया कि जिन निर्माणों को हटाया गया, वे अवैध थे और उनमें कई व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। उन्होंने कहा कि आगामी सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई जरूरी थी, ताकि आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं और सुगम मार्ग उपलब्ध कराए जा सकें। प्रशासन का यह भी कहना है कि अतिक्रमण के कारण यातायात और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही थी, जिसे सुधारना आवश्यक था। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।